ममता बनर्जी का भाजपा पर पलटवार, बोलीं – ‘किसी के पैसे की चाय तक नहीं पीती, चोर कहना बंद करें’

पश्चिम बंगाल के पांडवेश्वर में एक चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा के 'चोर' वाले आरोपों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने जीवन में कभी वेतन नहीं लिया और न ही किसी के पैसे से एक कप चाय पी है। ममता बनर्जी ने इन आरोपों को झूठ और गलत भाषा का इस्तेमाल बताया।
ममता बनर्जी का भाजपा पर पलटवार, बोलीं - 'किसी के पैसे की चाय तक नहीं पीती, चोर कहना बंद करें'

पश्चिम बंगाल के पांडवेश्वर में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया, जहाँ उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीधा पलटवार किया। ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि वह जीवन में कभी किसी का वेतन नहीं लेतीं, यहाँ तक कि किसी के पैसे से एक कप चाय भी नहीं पीतीं। उन्होंने भाजपा से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं को ‘चोर’ कहना बंद करने को कहा।

पश्चिम बंगाल में वोटों का प्रचार इन दिनों ज़ोरों पर है और चुनावी माहौल काफी गरमाया हुआ है। सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवार ज़िले-ज़िले में जनसंपर्क कर रहे हैं। इस बार के चुनाव में राज्य के बड़े नेता मैदान में हैं, जिनमें एक ओर तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनके बेटे अभिषेक बनर्जी हैं, तो वहीं दूसरी ओर विरोधी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी भी सक्रिय हैं। लोगों की दिलचस्पी इस चुनावी घमासान में बड़ी तेज़ी से बढ़ रही है, जहाँ आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।

इसी चुनावी गहमागहमी के बीच पांडवेश्वर में हुई जनसभा में ममता बनर्जी ने भाजपा के उन आरोपों का जवाब दिया, जिनमें तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को चोर कहा जा रहा था। उन्होंने इन आरोपों को सरासर झूठ बताया। मुख्यमंत्री ने अपनी व्यक्तिगत ईमानदारी पर ज़ोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने कभी भी वेतन या किसी का पैसा नहीं लिया। यह बयान उन पर लगे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को खारिज करने के लिए महत्वपूर्ण था।

“वे कहते हैं कि तृणमूल कांग्रेस के सभी नेता चोर-डाकू हैं। मैंने जीवन में एक पैसा भी वेतन के रूप में नहीं लिया। किसी के पैसे से एक कप चाय भी नहीं पीती। मुझे भी चोर कहते हैं। ये लोग गलत भाषा बोलते हैं और झूठ फैलाते हैं।” (ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल)

विकास कार्यों को भी गिनाया

ममता बनर्जी ने इस दौरान अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को भी गिनाया, ताकि भ्रष्टाचार के आरोपों का खंडन किया जा सके। उन्होंने बताया कि कैसे आसनसोल को एक नया ज़िला बनाया गया, मल्टीसुपर अस्पताल स्थापित किए गए, अंडाल एयरपोर्ट का विकास हुआ और नजरुल इस्लाम यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई। इन परियोजनाओं को उन्होंने राज्य के विकास और जनता के कल्याण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

श्रमिकों के हक और विकास पर ज़ोर

अपनी जनसभा में ममता बनर्जी ने विशेष रूप से खान में काम करने वाले श्रमिकों की समस्याओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ये श्रमिक कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन उनके श्रम का पूरा फायदा उन्हें नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि पिछले पांच-छह सालों से उन्होंने राज्य सरकार से मिलकर खानों की बेहतर देखभाल और उनके लिए उचित योजनाएं बनाने का प्रस्ताव रखा था। उनका आरोप था कि इन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया गया, जिससे श्रमिकों की स्थिति में सुधार नहीं हो सका।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मेहनत का सम्मान करने पर ज़ोर दिया और कहा कि सरकार को खानों की सही ढंग से देखभाल करनी चाहिए। इससे न केवल काम करने वाले श्रमिकों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उनके परिवारों का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए कि वे सिर्फ लूट करते हैं और झूठ फैलाते हैं। ममता बनर्जी ने विपक्ष की भाषा को ‘नग्न और गलत’ बताया और कहा कि वे रात में भी बवाल मचाते हैं। यह बयान बताता है कि चुनावी लड़ाई में व्यक्तिगत हमलों और तीखी बयानबाज़ी का स्तर कितना बढ़ चुका है। पश्चिम बंगाल का यह चुनावी संग्राम अब केवल नीतियों और विकास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह व्यक्तिगत ईमानदारी और चरित्र पर भी गहरा हमला बन गया है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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