प्राकृतिक सुंदरता के बीच बसे मेघालय घूमने की प्लानिंग कीजिये, IRCTC के टूर की ये है डिटेल

प्राकृतिक सुंदरता के बीच बसे मेघालय घूमने की प्लानिंग कीजिये, IRCTC के टूर की ये है डिटेल

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। प्राकृतिक सुंदरता के बीच बसे भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के टूर पर IRCTC इस बार लेकर जा रहा है। यदि आपने घूमने का कोई प्लान बनाया है तो कृपया IRCTC के इस टूर पर एक नजर जरूर डाल लीजियेगा, ये एक अच्छा ऑप्शन है।

इस दिन जायेगा टूर

IRCTC इस बार पर्यटकों को भारत के पूर्वी राज्य मेघालय लेकर जा रहा है।  टूर का अनाउंसमेंट हो चुका है। टूर का नाम हैं स्टनिंग मेघालय (IRCTC Stunning Meghalaya Tour Packages), ये एयर टूर (IRCTC Air Tour Packages) मध्य प्रदेश के मिनी मुंबई कहे जाने वाले और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से 28 नवम्बर 2022 और 24 फरवरी 2023 को जायेगा।

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ये है टूर का किराया

07 दिन और 06 रात वाले इस टूर का किराया IRCTC ने 41,300/- रुपये प्रति व्यक्ति तय किया है।  किराये के और भी पैकेज हैं जो आप सदस्य संख्या के आधार पर चुन सकते हैं। किराये में ब्रेकफास्ट और डिनर भी शामिल है यानि इसके लिए आपको कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना।

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ये डेस्टिनेशन होगी कवर

IRCTC इस टूर में पर्यटकों को गुवाहाटी, शिलॉंग, चेरापूंजी, डौकी, कांजीरंगा सहित अन्य प्रसिद्द और महत्वपूर्ण स्थलों की सैर कराएगी  यात्रियों को इंदौर से गुवाहाटी फ्लाइट से ले जाया जायेगा फिर आगे का सफर टेम्पो ट्रेवलर जैसे टूरिस्ट वाहनों से होगा।

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ये हैं मेघालय की खासियत

सेवन सिस्टर्स कहे जाने वाले भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में से एक मेघालय बहुत ही खूबसूरत राज्य है, ये प्राकृतिक सुंदरता के बीच बसा हुआ एक पर्वतीय राज्य है। मेघालय का अर्थ “बादलों का घर” होता है और इसकी खूबसूरती देखकर ही इस राज्य को ये नाम मिला था। पहले ये असम का ही हिस्सा था, 21 जनवरी 1972 को असम के खासी, गारो एवं जैन्तिया पर्वतीय जिलों को अलग कर नया राज्य मेघालय अस्तित्व में आया, भारत में ब्रिटिश राज के समय तत्कालीन ब्रिटिश शाही अधिकारियों द्वारा इसे “पूर्व का स्काटलैण्ड” कहा गया था।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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