
Satna News : मध्य प्रदेश के किसान काफी ज्यादा दुखी और हताश हैं। उनकी समस्या सुनने या देखने वाला कोई भी नहीं है। हजारों की संख्या में किसान लाइन लगाकर खाद पाने के लिए तरस रहे हैं, तो वहीं प्रशासन द्वारा व्यवस्थाएं सुधारने की बात कही जा रही है जो जमीनी स्तर पर बिल्कुल भी सच होती नहीं दिखाई दे रही है। इसी बीच खाद की रैक सतना पहुंची, जिसे पुलिस की निगरानी में वितरित किया गया। इससे किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ उठी।
दरअसल, डीएपी की मांग किसानों के बीच लगातार बढ़ रही थी। इसका वितरण न होने के कारण किसानों में नाराजगी देखने को मिल रही थी। इसी बीच खाद की रैक किसानों तक पहुंचने की जिम्मेदारी एसडीएम ने उठाई।
कलेक्टर ने दिया निर्देश
इसके लिए कलेक्टर ने निर्देश भी दिए थे। साथ ही व्यवस्था को मध्य नजर रखते हुए प्रशासन और पुलिस मौके पर तैनात रही। खाद का वितरण करने के दौरान मौके पर एसडीएम सिटी राहुल सिलादिया, सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान और सिविल लाइन टीआई योगेंद्र सिंह मौजूद रहे, जो डबल लॉक सेंटर में अपनी ड्यूटी निभाते हुए वहां के मोर्चे को संभाला और टोकन के साथ खाद का वितरण करवाया।
बांटे गए टोकन
वहीं, एसडीएम माइक के द्वारा किसानों से शांति बनाए रखने की भी अपील कर रहे थे। केवल इतना ही नहीं, सीएसपी और टीआई किसानों की भीड़ और उत्सुकता को देखते हुए खुद टोकन बांटते हुए दिखे। बता दें कि किसानों को 3 दिसंबर तक के टोकन दिए गए हैं, जिसके तहत वह सभी 3 दिसंबर तक आकर शांतिपूर्वक खाद प्राप्त कर सकते हैं।
किसानों की जरूरत होगी पूरी
जिले में एक एकड़ के हिसाब से एक बोरी डीएपी की मात्रा को लेकर अभी भी कुछ किसानों में नाराजगी चल रही है। उनका कहना है कि उन्हें ज्यादा बोरियां दी जाए, लेकिन प्रशासन का ऐसा मानना है कि एक एकड़ में एक बोरी डीएपी खाद पर्याप्त है, इसलिए अधिकतम पांच बोरी दी जा रही है। मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि खाद के रैक लगातार आते रहेंगे। साथ ही इसका वितरण भी होता रहेगा, जिससे किसानों की जरूरत पूरी होगी और उनके साथ हो रही समस्या का निदान हो सकेगा।
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

