स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी का बेटा-बहू इंदौर से सतना पहुंचे, 14 दिन क्वारंटाइन के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी का बेटा-बहू इंदौर से सतना पहुंचे, 14 दिन क्वारंटाइन के निर्देश

सतना/पुष्पराज सिंह बघेल

करोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉक डाउन है। प्रदेश का मिनी बॉम्बे इन्दौर में एक सैकड़ा से ज्यादा मरीज चिन्हित है। इंदौर को पूरी तरह सील किया गया है इसके बावजूद दहशत से लोग गुपचुप तरीके से इंदौर छोड़ भागकर अपने गाँव पहुँच रहे हैं।

ऐसा ही मामला सतना में सामने आया है जहां कोठी कस्बे में सोमवार की अलसुबर करीब तीन बजे पति पत्नी साढ़े आठ सौ किलोमीटर बाइक चलाकर अपने घर पहुँचे और लगभग आठ घण्टे घर पर छिपे रहे। मामले की जानकारी जिला प्रशासन तक पहुँची और अब पूरे परिवार को 14 दिन विशेष निगरानी में रखा गया है। इस मामले में एक बड़ी लापरवाही भी उजागर हुई है । इंदौर से लौटे युवक के पिता खुद स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ है फिर भी उन्होने अपने बेटे बहू के इंदौर से लौटने की बात छिपाई और बेटे बहु के साथ समय बिताने के बाद कोठी अस्पताल पहुंचकर ड्यूटी जॉइन की और मीटिंग में भी हिस्सा लिया । ऐसे में अब पूरे अस्पताल के कर्मचारी दहशत में आ चुके क्योंकि इंदौर से लौटे पति पत्नी उसी मुहल्ले में रहते थे जहां कई कोरोना मरीज चिन्हित हुए थे। मामला सामने आने के बाद उन  सारी जगहों को सेनेटाइज किया गया है।

अब  स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ इस कर्मचारी के पूरे परिवार को होम आइसोलेट किया गया है। प्राथमिक जांच के बाद जिला अस्पताल में पूरे परिवार के सेम्पल लिए गए और जांच रिपोर्ट जबलपुर लैब भेजी जा रही। दरअसल कर्मतारी का पुत्र और बहू इंदौर में रहते थे और उनके मुहल्ले में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से वो दहशत में आ गये और बाइक से ही इंदौर से सतना पहुँच गए ।  मामले की जानकारी सीआईडी पुलिस को हुई और मामला जिला प्रशासन तक पहुचा । आनन फानन में स्वास्थ विभाग की टीम घर मे कोविड 19 का नोटिस चस्पा कर दिया है और पूरे परिवार को 14 दिन के लिए क्वारंटाइन कर दिया है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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