Commonwealth Games 2022 : लॉन बॉल्स में भारत ने इतिहास रचते हुए जमाया गोल्ड मेडल पर कब्जा

Commonwealth Games 2022 : लॉन बॉल्स में भारत ने इतिहास रचते हुए जमाया गोल्ड मेडल पर कब्जा

खेल, डेस्क रिपोर्ट। सोमवार तक इस देश में शायद कोई जिस खेल को जानता तक नहीं था, उस में भारत की लड़कियों ने इतिहास रचते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया है। फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 17-10 से मात दी। इस जीत की हीरो रही लवली चौबे, पिंकी, नयानमोनी साइकिया और रूपा रानी, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की टैली में एक और गोल्ड मेडल जोड़ा।

1st Ever in Lawn Bowls at #CommonwealthGames

Women’s Fours team win 🇮🇳 it’s 1st CWG medal, the prestigious in #LawnBowls by defeating South Africa, 17-10

Congratulations ladies for taking the sport to a new level

Let’s #Cheer4India#India4CWG2022 pic.twitter.com/uRa9MVxfRs

— SAI Media (@Media_SAI) August 2, 2022

बता दे, कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बॉल्स को पहले संस्करण (1930, हैमिल्टन, कनाडा) में शामिल किया गया था। इस गेम में सबसे ज्यादा मेडल जीतने का रिकॉर्ड स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के नाम, जिन्होंने 20 गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया है।

आपको बता दे, मेडल के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 10 हो गई है। जूडो में दो मेडल सुशीला देवी के रजत और विजय यादव के कांस्य के अलावा भारत ने वेटलिफ्टिंग में 7 मेडल जीते जिसमें तीन गोल्ड हैं। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू, जेरेमी लालरिनुंगा और अचिंता शेउली ने गोल्ड मेडल जीता वहीं संकेत सरगर और बिंदियारानी देवी ने सिल्वर मेडल जबकि गुरुराजा पुजारी और हरजिंदर कौर ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

कैसे खेलते है लॉन बॉल्स?, क्या है नियम

लॉन बॉल्स को आमतौर पर सिर्फ बाउल या लॉन बॉलिंग के रूप में भी जाना जाता है। इस खेल में गेंदों को रोल करना होता है ताकि वे “जैक” या “किट्टी” नामक एक छोटी गेंद के करीब रुकें। यह एक बॉलिंग ग्रीन पर खेला जाता है, जो फ्लैट होता है। यह आम तौर पर बाहर खेला जाता है (आउटडोर गेम)।

फॉर्मेट और नियम

लॉन बाउल्स तीन प्रारूपों में खेला जाता है – एकल (single), युगल (couple) और चौका (four), जो एक दूसरे के खिलाफ खड़े खिलाड़ियों की संख्या पर निर्भर करता है। खिलाड़ी/टीम अपनी गेंदों को रोल कर स्थिर लक्ष्य के करीब रखने की कोशिश करती है, जिसे ‘द जैक’ कहा जाता है। गेंदों को दूर से रोल किया जाता है। चौके, या चार-खिलाड़ी, प्रारूप में, प्रत्येक टीम को एक ‘एंड’ में आठ थ्रो या रोल मिलते हैं। ‘एन्ड’ का मतलब होता है एक राउंड। एक टीम को मैच को पूरा करने के लिए 18 छोर डालने होते हैं। 18 थ्रो बाद अधिक अंक वाली टीम विजेता बनती है।

मैच की शुरुआत टॉस के साथ होती है, लगभग 23 मीटर के करीब ‘जैक’, जो एक छोटी गेंद होती है उसे रोल किया जाता है। खिलाड़ी बारी-बारी से गेंद को रोल करते हैं। खिलाड़ियों कोशिश रहती है कि वह अपने विरोधियों की तुलना में जैक के करीब रहे। प्रत्येक बाउल के लिए अंक दिए जाते हैं, जो जैक के सबसे करीब होता है। सिंगल गेम्स में, 21 अंक हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी जीत हासिल करते है, जबकि जोड़ियों, ट्रिपल और चौकों की प्रतियोगिताओं में, कुल मिलाकर सबसे अधिक अंक हासिल करने वाली टीम जीत दर्ज करती है।

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