गुरु पूर्णिमा पर CM डॉ. मोहन यादव पहुंचे महर्षि सांदीपनि आश्रम, समर्पित की अपनी पुस्तक, मंगुभाई पटेल ने लिखी है प्रस्तावना

सीएम मोहन यादव ने महर्षि सांदीपनि के चरणों में अपनी किताब "भारतीय गुरु परंपरा के शिल्पी : महर्षि सांदीपनि" समर्पित की। जिसकी प्रस्तावना  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लिखी है। वह उज्जैन में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भी शामिल हुए।
CM Mohan Yadav

बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे। उन्होंने परंपरागत पूजा अर्चना। परिषद में स्थित श्री कुंडेश्वर महादेव और श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर के भी दर्शन किए। इसके अलावा सीएम ने मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग अंतर्गत श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा प्रकाशित अपनी पुस्तक “भारतीय गुरु परंपरा के शिल्पी : महर्षि सांदीपनि” को महर्षि सांदीपनि के चरणों में समर्पित किया। पुस्तक की प्रस्तावना मध्‍यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लिखी है।

यह पुस्तक महर्षि सांदीपनि के जीवन, शिक्षा-दृष्टि, गुरुकुल परंपरा, श्रीकृष्ण की शिक्षा, भारतीय शिक्षा-दर्शन में उनके योगदान तथा वर्तमान भारत में उनकी प्रासंगिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समाहित करती है। साथ ही यह भारतीय गुरु परंपरा के समृद्ध स्वरूप का प्रामाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुजनों को शुभकामनाएं भी दी 

इस अवसर पर सीएम मोहन यादव ने सभी गुरुजनों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि, “गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि संस्कार, विवेक और जीवन का सही मार्ग भी दिखाते हैं। गुरु के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से ही व्यक्तित्व का निर्माण होता है। जीवन भी सफल एवं सार्थक बनता है।”

आगे उन्होंने यह कहा कि “भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा हमारी सांस्कृतिक चेतना की आधारशिला है और महर्षि सांदीपनि इस गौरवशाली परंपरा के ऐसे महान आचार्य हैं, जिनके सान्निध्य में भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा जैसे आदर्श शिष्यों का निर्माण हुआ।”

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की CM की सराहना

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपने संदेश में कहा है कि, “महर्षि सांदीपनि ने शिक्षा को केवल विद्या अर्जन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे चरित्र निर्माण, अनुशासन, समरसता और लोककल्याण से जोड़ा।” उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा, गुरु-शिष्य संस्कृति तथा महर्षि सांदीपनि की विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की है।

500 करोड़ रुपये से अधिक विकास कार्यों का शुभारंभ

इस दौरान वह आश्रम में आयोजित “गुरु परंपरा का लोक पर्व- श्रद्धा  समारोह” में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि, “यदि किसी को प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा की गहराई को समझना है तो उन्हें इस आश्रम में जरूर आना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने माधव विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित “सांदीपनि अलंकरण समारोह” का शुभारंभ भी किया। 587.23 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन भी किया।

Manisha Kumari Pandey
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