
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में धनतेरस पर हुई परंपरागत धन समृद्धि की पूजा के साथ दीपावली का पांच दिवसीय उत्सव शुरू हो चुका है। बाबा महाकाल के दरबार में वैसे भी हर त्यौहार सबसे पहले मनाया जाता है और आज दीपोत्सव की शुरुआत भी यहां सबसे पहले की गई। इस दौरान मंदिर के पुजारी पुरोहित और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे।
महाकालेश्वर के दरबार में पुजारी और पुरोहितों ने भोले बाबा की पूजा के साथ-साथ धन कुबेर और चांदी के सिक्कों का भी पूजन अभिषेक किया। इस दौरान महाकाल को चांदी का सिक्का अर्पित किया गया। इस दौरान मंदिर में भक्तों की भी भीड़ देखने को मिली। सभी अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए उत्सुक थे।
महाकाल में हुई महापूजा
धनतेरस पर हुई यह महापूजा महाकाल मंदिर पुरोहित समिति के पुरोहितों द्वारा की गई। नंदी हॉल में सुख समृद्धि, वैभव और आरोग्य की कामना के साथ पूजा की गई। जनकल्याण और विश्व कल्याण की कामना के साथ सबसे पहले गणपति पूजन और फिर लक्ष्मी पूजन किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक और रुद्राभिषेक किया गया। पंडे पुजारियों के साथ मंदिर में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे।
पांच दिन तक चलेगा दीपोत्सव
बाबा महाकाल के दरबार में शुरू दीपोत्सव अगले 5 दिनों तक चलेगा। परंपरा के अनुसार मंदिर में जब आरती की जाएगी। उस समय फुलझड़ी जलाई जाएगी। मंदिर में ग्वालियर के पंचांग के मुताबिक सारे कार्यक्रम होते हैं ऐसे में 6 नवंबर को धनतेरस 8 नवंबर को दिवाली और 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा की जाएगी। दिवाली के लिए पूरे मंदिर को विद्युत रोशनी से सजाया गया है। यहां रोजाना दीप जलाए जाएंगे और रंगोली भी बनाई जाएगी।
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