
उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर (world famous mahakal temple) में आज रक्षाबंधन के अवसर पर अल सुबह महाकाल के पट खुलने के बाद महाकाल को कोटितीर्थ कुंड के जल से स्नान कराया गया। इसके बाद महाकाल को पंचामृत अभिषेक कर श्रृंगार किया गया और फिर बाबा की भस्म आरती की गई।
यह भी पढ़े.. MP School: कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर, शिक्षकों को भी निर्देश जारी
आरती में महाकाल को सबसे पहले राखी बांधी (Rakhi 2021) गई महाकाल को बंधने वाली राखी पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा ही बनाई जाती है। महाकाल को राखी बांधने के बाद 21 हजार लड्डुओं महाभोग लगाया गया यह भोग भस्म आरती पुजारी परिवार की ओर से लगाया जाता है।
हर वर्ष रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2021) के अवसर पर महाकाल को एक लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया जाता है लेकिन कोविड- गाइड लाइन के कारण यह भोग पिछले 2 वर्षों से 21 हजार लड्डुओं का लग रहा है रक्षाबंधन के दिन एक महा का श्रावण मास खत्म हो जाता है और आज के दिन भक्त महाकाल महाभोग के लड्डू खाकर अपने श्रावण मास के व्रत को पूरा करते हैं ।
यह भी पढ़े.. MP Weather: लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, Ujjain में नदी उफान पर, मंदिर डूबे

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

