
Akhilesh Yadav
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस भारी टैरिफ ने उत्तर प्रदेश के निर्यातकों को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है। अखिलेश ने इन प्रतिशोधात्मक टैरिफ को बीजेपी की असफल विदेश नीतियों का परिणाम बताया, जिसका खामियाजा प्रदेश के लाखों निर्यातकों और उनसे जुड़े व्यवसायों को भुगतना पड़ रहा है।
अखिलेश यादव ने निर्यातकों को लिखे पत्र में कहा कि अमेरिकी टैरिफ के कारण उत्तर प्रदेश का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बनारसी साड़ी, कार्पेट, पीतल, ताला, चमड़ा, इत्र, खेल सामग्री, हैंडलूम और हस्तशिल्प जैसे सैकड़ों उद्योगों के अरबों-खरबों रुपये के उत्पाद समुद्र में जहाजों पर फंसे हैं। उन्होंने बताया कि निर्यातकों के भुगतान चक्र में गड़बड़ी और सप्लायर्स व वेंडर्स की परेशानियां बढ़ गई हैं, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका खतरे में है।
सरकार से विशेष राहत की मांग
सपा अध्यक्ष ने मांग की कि सरकार को इस संकट के समय में आगे आकर एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत सभी उत्पादों को विशेष राहत और अन्य उत्पादों को सुरक्षा कवच प्रदान करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो लाखों निर्यातकों का कारोबार ठप हो जाएगा और करोड़ों लोग बेरोजगार होकर प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या को और गंभीर बना देंगे। अखिलेश ने कहा कि यह समय एकजुट होकर बीजेपी सरकार पर दबाव बनाकर निर्यातकों की मांगों को मनवाने का है।
सपा का निर्यातकों को समर्थन का वादा
अखिलेश यादव ने निर्यातकों को भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल आजीविका का ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में उद्योग, कारोबार और निवेश के भविष्य का भी है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कमी धन की नहीं, बल्कि सोच की है। सपा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि सरकार के पास कई उपाय हैं, जिनसे इस ‘टैरिफ आपातकाल’ से निर्यातकों को बचाया जा सकता है, और पार्टी इस संकट में निर्यातकों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
