सीएम योगी के 22 फरवरी से शुरू हो रहे जापान दौरे पर अखिलेश यादव का तंज, पूछा- ‘काशी क्योटो क्यों नहीं बना, यह मनसुख पर्यटन है’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य निवेश संबंधों को मजबूत करना है। उनकी इस यात्रा पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए इसे 'मनसुख-पर्यटन' बताया और क्योटो का उदाहरण देकर काशी के विकास पर सवाल उठाए हैं।
सीएम योगी के 22 फरवरी से शुरू हो रहे जापान दौरे पर अखिलेश यादव का तंज, पूछा- 'काशी क्योटो क्यों नहीं बना, यह मनसुख पर्यटन है'

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आगामी विदेश यात्रा को लेकर राज्य में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी के 22 फरवरी से शुरू हो रहे सिंगापुर और जापान दौरे पर निशाना साधा है। उन्होंने इस दौरे को ‘मनसुख-पर्यटन’ करार देते हुए काशी के विकास मॉडल पर भी सवाल खड़े किए हैं।

कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे जापान जाएं तो क्योटो भी होकर आएं।

अखिलेश ने कसा तंज

सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में लिखा कि सीएम योगी को जापान जाकर यह पता करना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया। उन्होंने यह भी कहा कि वहां से विरासतों को बचाने और शहरों को आगे बढ़ाने का सबक लेकर आना चाहिए।

“जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा, जिससे ये पता चल सके कि प्रधान-संसदीय क्षेत्र काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या उसकी विरासत कैसे बिगड़ी।” — अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए इसे सरकार के अंतिम वर्ष का दौरा बताया। उन्होंने लिखा, “वैसे अब चला-चली की बेला में अपने अंतिम वर्ष में कौन सा तो ये जापान का अध्ययन कर लेंगे और क्या ही योजना बना पाएंगे। ये मुख्यमंत्री का ‘मनसुख-पर्यटन’ है।”

क्या है सीएम योगी के दौरे का कार्यक्रम?

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी को अपनी यात्रा पर रवाना होंगे। वह 23 और 24 फरवरी को सिंगापुर में रहेंगे, जहां उनका उद्देश्य निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेना है।

इसके बाद, 25 और 26 फरवरी को सीएम योगी जापान में होंगे। इस यात्रा का एक विशेष आकर्षण जापान की अत्याधुनिक ‘मैग्लेव’ (मैग्नेटिक लेविटेशन) ट्रेन की सवारी करना है। यह ट्रेन चुंबकीय शक्ति के सहारे पटरी से ऊपर हवा में तैरते हुए चलती है।

मैग्लेव ट्रेन में करेंगे 100 किमी की यात्रा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी जापान यात्रा के दौरान इस हाई-स्पीड ट्रेन में 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे, जिसमें 50 किलोमीटर जाना और 50 किलोमीटर वापस आना शामिल है। इस यात्रा को केवल तकनीकी जिज्ञासा के तौर पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस तरह की तकनीक को समझना भविष्य में राज्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

Ankita Chourdia
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