8वीं में तीन बार फेल हुआ, पास होने के लिए की नकल, साथी को धमकाया, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बयान वायरल

8वीं में तीन बार फेल हुआ, पास होने के लिए की नकल, साथी को धमकाया, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बयान वायरल

बीजेपी के पूर्व सांसद और कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। कैसरगंज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने स्कूली दिनों की कहानी सुनाई। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि वह कक्षा 8 में तीन बार फेल हुए थे और नकल करके किसी तरह पास हुए थे। इतना ही नहीं, पास होने के लिए उन्होंने अपने साथ बैठने वाले छात्र को धमकाकर अपनी कॉपी भी लिखवाई थी।

यह पूरा मामला तब का है जब बृजभूषण शरण सिंह बलपुर गांव में छात्र-छात्राओं के प्रतिभा सम्मान समारोह में पहुंचे थे। यहां सैकड़ों छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में उन्होंने माइक संभाला और अपने बचपन के किस्से सुनाने लगे।

क्या बोले बृजभूषण शरण सिंह?

पूर्व सांसद ने कहा,

“मैं कक्षा 8 में दो साल लगातार फेल हुआ। फेल भी ऐसा कि नीचे से टॉप था। खेलकूद वाले विषय को छोड़कर बाकी सबमें फेल। फिर किसी तरह नकल करके पास हो गया। लेकिन उस नकल की वजह से इतनी आत्मग्लानि हुई कि पूरी रात सो नहीं सका।”

बृजभूषण ने बताया कि जब उन्होंने नकल से पास होने की कोशिश की तो एक बार बगल में बैठने वाले छात्र को धमकाकर अपनी कॉपी लिखवाई। उन्होंने आगे कहा कि मैंने उससे कहा कि मेरी कॉपी नहीं लिखी तो स्कूल के बाहर निकलते ही हाथ-पैर तोड़ दूंगा। डर के मारे उसने कॉपी लिख दी। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी के पेपर में उनकी हालत और भी खराब थी।

“बगल में एक तिवारी नाम का लड़का बैठा था, मैंने उससे कहा पहले मेरी कॉपी लिख दे। उसने मना किया तो उसे भी धमकाया।”

बचपन में बहुत लड़ाकू था

बृजभूषण ने मजाकिया लहजे में कहा,

“जब तक 5-10 को पीट न दूं, तब तक नाश्ता नहीं करता था। खेलकूद में अव्वल था, लेकिन पढ़ाई में हालत खराब थी।”

उन्होंने छात्रों से कहा कि जब जीवन में मुश्किल आए तो खुद से बात करो और समाधान निकालो। आगे कहा कि मैंने भी अपने आप से बात करके समझा कि गलती कहां हो रही है और वहीं से सुधार की शुरुआत की।

क्यों अहम है यह बयान?

बृजभूषण शरण सिंह अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में वह महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण के मामले में भी जांच का सामना कर चुके हैं। ऐसे में इस बयान को लेकर भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे उनका ‘ईमानदार कबूलनामा’ मान रहे हैं तो कुछ इसे शिक्षा के प्रति गैरजिम्मेदाराना नजरिया बता रहे हैं।

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