
गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में स्थित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ऑफिस में बुधवार को हंगामा हो गया। एक जूनियर इंजीनियर (जेई) और ठेकेदार के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई की नौबत आ गई, जिससे ऑफिस में भीड़ जमा हो गई। स्थिति बिगड़ने पर कर्मचारियों ने ठेकेदार को कमरे में बंद कर डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। कैंट थाने की पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने ले जाकर मामले की जांच शुरू की।
घटना दोपहर करीब 1:30 बजे पीडब्ल्यूडी ऑफिस के पहले माले पर हुई। जेई ने बताया कि ठेकेदार ने कार्य में बाधा डाली, और बाहर जाने को कहने पर उसने हाथापाई शुरू कर दी, जिससे उनकी शर्ट फट गई। शोर सुनकर अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ठेकेदार को कमरे में बंद कर दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी, लेकिन मामला शांत न होने पर उन्हें थाने ले जाया गया। दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे थे।
पीडब्ल्यूडी में भ्रष्टाचार की शिकायत
ठेकेदार ने दावा किया कि उसने पीडब्ल्यूडी में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी, जिसके चलते जेई उससे नाराज थे। उसने मुख्य अभियंता को शिकायत की थी कि वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान फर्जी अभिलेख तैयार कर 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में करीब 50 करोड़ रुपये का गबन किया गया। ठेकेदार ने कहा कि वह रजिस्टर्ड कांट्रेक्टर है और एक सहायक अभियंता (एई) से मिलने गया था, लेकिन जेई ने उसके खिलाफ झूठी कहानी बनाई।
दोनों पक्षों से पूछताछ जारी
हंगामे के बाद पीडब्ल्यूडी जेई एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके सिंह ने बुधवार रात जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी से मुलाकात की। उनके साथ अन्य अभियंता भी शिकायत लेकर पहुंचे। इस घटना के कारण पीडब्ल्यूडी और रजिस्ट्री कार्यालय में कामकाज प्रभावित हुआ, और बुधवार को रजिस्ट्री कार्य नहीं हो सका। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है।
