सीएम योगी आदित्यनाथ का संदेश: अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, वरिष्ठ अधिकारियों को दी यह जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चौकसी बढ़ाई जाए। दरअसल कई बार ऐसा देखा गया है कि फर्जी खबर के कारण माहौल खराब हो जाता है। ऐसे में इससे बचने के लिए फर्जी खबर फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ का संदेश: अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, वरिष्ठ अधिकारियों को दी यह जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य प्रशासन और पुलिस महकमे को सख्त निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चौकसी बढ़ाई जाए। उन्होंने साफ किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों, अफवाहें फैलाने वालों और फेक न्यूज पोस्ट करने वालों के खिलाफ बेहद कठोर कार्रवाई की जाए।

पिछले कुछ समय ने अक्सर देखा गया है कि किसी भी मामूली विवाद और स्थानीय घटना को कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया पर जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करते हैं, इतना ही नहीं कई बार झूठी और भड़काऊ खबरें डालकर माहौल बिगाड़ने की भी कोशिश करते हैं। इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ऐसी गतिविधियों पर प्रशासन को पैनी नज़र रख तुरंत कार्रवाई करना होगी और किसी भी प्रकार के भ्रामक एवं सौहाद्र बिगाड़ने वाले कंटेंट को समय रहते खारिज कर सच्चाई आमजन के सामने लानी होगी।

वरिष्ठ अधिकारी खुद करेंगे नेतृत्व

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी अप्रिय या संवेदनशील घटना की सूचना मिलते ही वे खुद नेतृत्व करें और मौके पर पहुंचें, ताकि स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके और जनता के बीच भरोसा बना रहे और स्थिति ना बिगड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग अन्य संप्रदाय के लोगों को ज़बरन उत्तेजित करने का कुत्सित प्रयास कर सकते हैं। ऐसे मामलों पर नजर रखना और समय रहते कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। सरकार का कहना है सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

क्यों ऐसा बोले सीएम योगी 

उत्तर प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में कई बार देखा गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल झूठी खबरें जमीनी हालात को बिगाड़ने का काम करती हैं। व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक पेज या फर्जी ट्विटर अकाउंट के जरिए फैलने वाली अफवाहें अक्सर कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन जाती हैं। 2013 के मुज़फ्फरनगर दंगों से लेकर हाल के छोटे-छोटे स्थानीय विवाद तक—हर जगह सोशल मीडिया ने हालात को संवेदनशील बनाया।

इन बातों को ध्यान में रखकर योगी सरकार की यह सख्ती, एक प्रोएक्टिव अप्रोच के रूप में देखी जा रही है। सरकार चाहती है कि फर्जी खबर फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई और सही जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि जनता गुमराह न हो।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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