
पिछड़े समाज से माफी मांगने वाले राहुल गांधी पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरा चरित्र अपनाने और स्वार्थ की राजनीति करने का आरोप लगाया। मायावती ने राहुल गांधी की माफी को ‘घड़ियाली आंसू’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस और बाकी जातिवादी पार्टियों ने हमेशा से ही दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों का शोषण किया है।
आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के लिए बसपा बनी
शनिवार को मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा यह स्वीकार करना कि कांग्रेस पार्टी ओबीसी समाज को उनका संवैधानिक हक दिलाने में खरी और विश्वासपात्र नहीं रही, कोई नई बात नहीं है। बल्कि यह दिल में कुछ और, ज़ुबान पर कुछ और जैसी स्वार्थ की राजनीति ज़्यादा लगती है।”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा यह स्वीकार करना कि देश के विशाल आबादी वाले अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) समाज के लोगों की राजनीतिक व आर्थिक आशा, आकांक्षा व आरक्षण सहित उन्हें उनका संवैधानिक हक़ दिलाने के मामलों में कांग्रेस पार्टी खरी व विश्वासपात्र नहीं रही है कोई नई बात नहीं है,…
— Mayawati (@Mayawati) July 26, 2025
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रवैया एससी/एसटी समाज के प्रति हमेशा से दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। मायावती के मुताबिक, इसी उपेक्षा और शोषण के चलते इन वर्गों को आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के लिए अलग पार्टी बसपा बनानी पड़ी।
अब बहुजनों की याद आई
बसपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस यूपी समेत देश के कई राज्यों की सत्ता से बाहर है और अब उसे बहुजन समाज की याद आने लगी है। उन्होंने आगे लिखा,
“इसे इनकी नीयत और नीति में खोट रहने की वजह से घड़ियाली आंसू नहीं तो और क्या कहा जाएगा,”
उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए का भी इन वर्गों के प्रति रवैया दोहरा है। मायावती ने आरोप लगाया कि इन सभी जातिवादी पार्टियों ने मिलकर एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण को निष्प्रभावी बना दिया है।
‘बहुजन समाज को केवल बसपा ही दे सकती है हक’
मायावती ने आगे लिखा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न देने में देरी करना, ओबीसी आरक्षण लागू करने में दशकों लगाना और बैकलॉग ना भरना इन जातिवादी पार्टियों का असली चेहरा दिखाता है। उन्होंने कहा,
“इनका जातिवादी रवैया आज भी जारी है। दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को लाचार बनाए रखने में ये पार्टियाँ एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं। जबकि बसपा ही सच्ची अम्बेडकरवादी पार्टी है।”
मायावती ने दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों से अपील की कि वे कांग्रेस, सपा जैसी पार्टियों के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज का हित सिर्फ बसपा की “आयरन गारंटी” में ही सुरक्षित है।
