संभल हिंसा पर सियासी घमासान! हिंदुओं को बनाया गया निशाना, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा – CM योगी

न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस को संभल में "नरसंहार" को रोकने का श्रेय दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जिले में बाहर से दंगाइयों को लाया गया था, जो हिंसा को भड़काने का हिस्सा था।
संभल हिंसा पर सियासी घमासान!  हिंदुओं को बनाया गया निशाना, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा – CM योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में हालिया हिंसा पर बोलते हुए कहा कि गुरुवार को सौंपी गई न्यायिक आयोग की रिपोर्ट दंगों की साजिश की पुष्टि करती है। विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2024 की हिंसा सुनियोजित थी। योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शासन काल में हिंदुओं को निशाना बनाने और उनकी जनसांख्यिकी को बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी “डबल इंजन” सरकार जनसांख्यिकीय परिवर्तनों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।

न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस को संभल में “नरसंहार” को रोकने का श्रेय दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जिले में बाहर से दंगाइयों को लाया गया था, जो हिंसा को भड़काने का हिस्सा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जांच 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा की गहराई से पड़ताल करती है। तीन सदस्यीय आयोग ने अपनी जांच पूरी कर गुरुवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी, जिसमें सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने वाली साजिशों का खुलासा हुआ है।

संभल की जनसांख्यिकी बदलाव पर चिंता

रिपोर्ट में संभल के सांप्रदायिक इतिहास पर भी प्रकाश डाला गया है, जिसमें आजादी के बाद से कई दंगे शामिल हैं। इसमें 1953 में शुरू हुए शिया-सुन्नी संघर्ष के साथ 1956, 1959 और 1966 में हुई हिंसक घटनाओं का उल्लेख है। इसके अलावा, संभल की जनसांख्यिकी में बदलाव पर चिंता जताई गई है, जहां पहले हिंदुओं की आबादी 45 प्रतिशत थी, जो अब काफी कम हो चुकी है। यह बदलाव दशकों से चली आ रही सांप्रदायिक घटनाओं से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

सरकार ऐसी साजिशों को नाकाम करने के लिए सख्त

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनकी सरकार ऐसी साजिशों को नाकाम करने के लिए सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार न केवल कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि विकास और समावेशी नीतियों के जरिए प्रदेश की जनता को सुरक्षित और समृद्ध भविष्य भी प्रदान कर रही है। संभल हिंसा की जांच और इसकी रिपोर्ट ने एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है, जिस पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होने की संभावना है।

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