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राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति: कांग्रेस बोली-“ड्रामे की जरुरत क्या थी, एक मिश्रा जी गए दूसरे आये, क्या कोई दलित-ओबीसी नहीं हो सकता था”

एयर मार्शल (सेवानिवृत) जितेंद्र मिश्रा ने 38 वर्षों तक वायुसेना में सेवा दी है वह लड़ाकू विमान पायलट, कॉम्बैट इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पायलट के रूप में काम कर चुके हैं।
Air Marshal Retd Jitendra Mishra appointed CEO Ram Mandir Trust

Air Marshal Retd Jitendra Mishra appointed CEO Ram Mandir Trust

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पहले CEO की नियुक्ति को हरी झंडी मिल गई, सेवानिवृत एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चर्चा में रहे थे। वे भारतीय वायुसेना के वेस्टर्न कमांड के चीफ के पद पर कार्यरत थे। वे 30 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए थे। मिश्रा की नियुक्त पर कांग्रेस ने तंज कसा है और कहा… एक मिश्राजी गए दूसरे आ गए, इतने ड्रामे की क्या जरुरत  थी?

अयोध्या के राम मंदिर में पहले सीईओ के तौर पर रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है, वे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट  के सचिव के निर्देश पर मंदिर की तमाम गतिविधियों और व्यवस्था का संचालन करेंगे। उल्लेखनीय है कि राम मंदिर से दान और चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद एक सीईओ की नियुक्ति की आवश्यकता जताई गई फिर आवेदन मंगाए गए और करीब 2 महीने चली प्रक्रिया के बाद रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को इस पद के लिए योग्य मानकर उनकी नियुक्ति की गई।

उदित राज बोले मुझे शंका है जितेंद्र मिश्रा CEO पद के लिए योग्य हैं 

जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति का कांग्रेस ने विरोध किया है और तंज कसा है, कांग्रेस नेता उदित राज ने ANI से बात करते हुए कहा- इतना बड़ा ड्रामा करने की क्या ज़रूरत थी? पहले कहा गया कि सर्च जारी है, इंटरव्यू हो रहे हैंऔर कागज़ात की जांच हो रही है, सरकार एक काबिल CEO की तलाश कर रही है लेकिन  जितेंद्र मिश्रा एयर मार्शल रहे हैं मुझे शंका है इस पोस्ट के लिए वो उपयुक्त हैं?

कांग्रेस का तंज ..एक मिश्रा जी गए दूसरे आ गए 

कांग्रेस नेता ने कहा अभी चीन के साथ मौजूदा टकराव के हालात हैं, पाकिस्तान के साथ हमेशा रहते ही हैं,  उनकी सेवाओं का इस्तेमाल वहां भी किया जा सकता था मगर सरकार ने जो निर्णय लिया हम उन्हें बधाई दते हैं लेकिन एक मिश्रा जी (नृपेन्द्र मिश्रा)  गए तो दूसरे मिश्रा जी (जितेंद्र मिश्रा) आ गए क्या कोई दलित ओबीसी सीईओ नहीं हो सकता था?

उदित राज ने RSS पर साधा निशाना 

उदित राज ने कहा हिन्दू धर्म सबका धर्म है लेकिन क्या वजह है कि 100 वर्ष में एक को छोड़कर RSS के सभी सरसंघ चालक ब्राह्मण ही क्यों है ?यहाँ भी मिश्रा जी के जाने पर मिश्रा जी ही आ गए , ये तो प्रशासनिक पद है कोई पूजा पाठ की पोस्ट नहीं है फिर क्यों कोई और नियुक्त नहीं हुआ ? उन्होंने कहा स्पष्ट है जब तक ये भाजपा सरकार है मंदिर ट्रस्ट पर RSS का ही नियंत्रण रहेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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