सीएम योगी आदित्यनाथ बोले ‘समाजवादी पार्टी और लोकतंत्र नदी के दो अलग छोर’, उत्तर प्रदेश विधानमंडल मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत

सत्र के पहले दिन नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने गोरखपुर में उनके साथ हुई कथित अभद्रता का आरोप लगाया और इसकी जांच की मांग की। इस आरोप का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध करने वाले भाजपा समर्थक नहीं बल्कि स्थानीय व्यापारी थे, जो सपा की पिछली सरकार से नाराज हैं।
Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत 11 अगस्त सोमवार को हंगामे के साथ हुई। सत्र के पहले दिन ही समाजवादी पार्टी और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने गोरखपुर में उनके साथ हुई कथित अभद्रता का मुद्दा उठाया, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर लोकतंत्र के प्रति विश्वास की कमी का आरोप लगाया और कहा सपा और लोकतंत्र नदी के दो अलग छोर हैं।

सदन में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने अपने साथ अभद्रता का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि जब वो गोरखपुर गए तो उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि जटाशंकर चौराहा और घंटाघर क्षेत्र में जब वे और उनके साथ विधान परिषद के नेता कार्य कर रहे थे तो पुलिस की गाड़ी को पीछे कर दिया गया और उन्हें गाड़ी से बाहर निकालने की कोशिश की गई।

योगी आदित्यनाथ का समाजवादी पार्टी पर पलटवार

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीखे बयान से हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और लोकतंत्र नदी के दो अलग-अलग किनारे हैं। उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ‘समाजवादी पार्टी और लोकतंत्र नदी के दो अलग अलग छोर है। इनका लोकतंत्र में कबसे विश्वास हो गया। इनके मुँह से ये शब्द शोभा नहीं देते हैं। स्वाभाविक रूप से सम्भल में जो नंद तांडव इन्होंने समाजवादी पार्टी सरकार के समय किया था..आज जब वहां पर उसकी शुद्धिकरण का अभियान चल रहा है तो अगर आपको हवन डालना है तब तो ठीक बात है। लेकिन अनावश्यक रूप से हर जगह बाधा डालना, अपनी नकारात्मकता से उस क्षेत्र के विकास को अवरूद्ध करना सम्भल हो, बहराइच हो या गोरखपुर हो..समाजवादी पार्टी हर जगह यही करती है।’

ये है मामला

दरअसल समाजवादी पार्टी के नेता और सदन में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि जब वह बीते दिनों गोरखपुर गए तो वहां उनके साथ अभद्रता हुई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जटाशंकर चौराहा घंटाघर पर जब वह विरासत गलियारे के मुद्दे पर लोगों के बीच गए तो वहां उनके रास्ते में बुलडोजर लगाकर नारेबाजी की गई। उन्होंने मांग की कि सरकार इसकी जांच कराए। माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि ‘मैं अपने नेता विधान परिषद् के साथ जा रहा था तो रास्ते में ही कार्रवाई शुरू हो गई। जो पुलिस की गाड़ी आगे लगाई गई थी, वह पीछे हो गई।’ उन्होंने आरोप लगाया कि उनको गाड़ी से बाहर खींचने की कोशिश की गई।

उनके इस आरोप पर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब दिया कि जो लोग आपका विरोध कर रहे थे..वो भारतीय जनता पार्टी के नहीं थे। आपका विरोध व्यापारियों ने किया था। सीएम ने कहा कि सिर्फ गोरखपुर ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के व्यापारी आपका विरोध करते हैं क्योंकि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय का उनका अनुभव बहुत खराब है और इसीलिए व्यापारियों के मन में सपा को लेकर आक्रोश भरा हुआ है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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