योगी आदित्यनाथ ने आखिर किसके लिए कहा, ये लातों के भूत हैं, बातों से नहीं मानेंगे, पढ़ें खबर

योगी ने कहा कांवड़ यात्री हर-हर, बम-बम बोलते बोलते हुए 300, 400 किलोमीटर पैदल जाते हैं जल भरते हैं और फिर उसी भक्तिभाव से वापस आते है लेकिन उनका भी मीडिया ट्रायल होता है, उन्हें बदमान किया जाता है, उपद्रवी और आतंकवादी कहने का दुस्साहस होता है।
CM Yogi Adityanath Varanasi

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मुखर बयानों के लिए जाने जाते हैं, इस बार भी उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है, उन्होंने वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान कांवड़ यात्रा और ताजियों का जिक्र करते हुए कहा – ये लातों के भूत हैं बातों से नहीं मानेंगे।

योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में जौनपुर की एक घटना का जिक्र किया, उन्होंने कहा सरकार के मन करने के बाद भी निर्धारित उंचाई से ज्यादा ऊँचा ताजिया बनाया जो हाई टेंशन लाइन से टकरा गया जिसमें तीन लोग मर गए फिर उन्होंने प्रदर्शन किया चक्का जाम किया, मेरे पास पुलिस का फोन आया कि क्या करें, मैंने कहा लाठी मरकर बाहर करो इनको, ये लातों के भूत हैं बातों से नहीं मानेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने मुहर्रम के लिए ताजियों की एक निश्चित उंचाई तय की थी, उससे ऊँचा ताजिया बनाने के लिए मना किया था क्योंकि जब लोग ऊँचे ताजिये लेकर निकलते हैं तो पेड़ों की टहनी काटते हैं, जिन लोगों के छज्जे आते है तो उन्हें तोड़ने की मांग करते हैं, बिजली की हाई टेंशन लाइन हटाने के लिए कहते है तो एक कार्यक्रम के लिए इतनी परेशानी एक बड़े वर्ग को क्यों दी जाये? लेकिन जौनपुर में नियम का उल्लंघन किया जिसपर एक्शन हुआ।

जनजातीय समुदाय भारत का ‘आदि समुदाय’ है

सीएम योगी आज शुक्रवार को वाराणसी में ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए उन्होंने कहा जब भी सनातन धर्म के सामने कोई चुनौती आई है, तो भारत का जनजातीय समाज अग्रिम पंक्ति में मुकाबले के लिए खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा जनजातीय समुदाय भारत का ‘आदि समुदाय’ है, भारत की परंपरा में रचा-बसा हुआ समुदाय है, जिसने सनातन परंपरा को सदैव एक नई मजबूती प्रदान की है।

कांवड़ यात्रा एकता का अद्भुत संगम है: योगी 

योगी आदित्यनाथ ने कहा हमने व्यवस्था बनाई है कि जुलूस में अस्त्र शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होगा, वरना मुहर्रम का हर जुलूस उत्पात, आगजनी और तोड़फोड़ का कारण बनता था, बहन बेटी सड़क पर नहीं निकल पति थी तब कोई नहीं बोलता था दूसरी तरफ कांवड़ यात्रा चल रही है, इसमें श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक सभी साथ हैं ये एकता का अद्भुत संगम है कोई भेदभाव नहीं है।

जातीय संघर्ष पैदा करने वालों पर प्रहार 

सीएम योगी ने कांवड़ यात्रा को बदनाम करने वालों पर हमला करते हुए कहा – ये वो मानसिकता है जो हर प्रकार से भारत की विरासत को अपमानित करना चाहती है ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजातीय समुदाय को भारत से अलग करने का प्रयास किया, षड्यंत्र किये, ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का अपमान करता है ये वही लोग हैं जो सोशल मीडिया पर फेक एकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष करना पैदा चाहते हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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