योगी ने अत्याधुनिक पुलिस वाहनों को दिखाई हरी झंडी, अधिकारियों को ‘राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार व मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार’ से अलंकृत किया

Yogi flagged off interceptor vehicles.

Yogi flagged off interceptor vehicles.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज राजधानी लखनऊ में अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इंटरसेप्टर वाहनों (चारपहिया एवं दोपहिया) के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने पुलिस वाहनों को रवाना किया, सीएम योगी ने इस मौके पर राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले ‘कीर्ति चक्र’ से अलंकृत (मरणोपरांत) यूपी पुलिस (STF) के वीर सेनानी स्व. सुनील कुमार की धर्मपत्नी को सम्मानित किया एवं जनसुरक्षा को ध्येय मानकर देश सेवा में रत ‘राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार व मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार’ से अलंकृत पुलिस कर्मियों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व डीजीपी, ‘पद्म श्री’ श्री प्रकाश सिंह जी द्वारा लिखित पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया।

योगी ने कहा कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने जो कार्य किया उसने यूपी का गौरव बढ़ाया है और पहली बार यूपी को कीर्ति चक्र मिला है हमें आज उनकी पत्नी को यहाँ सम्मानित किया है इसके अलावा 16 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को राष्ट्रपति के वीरता पदक से और उत्तर प्रदेश पुलिस एक 10 अधिकारियों/कर्मचारियों को मुख्यमंत्री के वीरता पदक से सम्मानित किया है मं इन सभी को बधाई देता हूँ।

विचार, व्यवहार में टेक्नोलॉजी जुड़ती है तो परिणाम सुखद आते हैं 

योगी ने कहा आज हमने इंटरसेप्टर वाहनों को भी आज लॉन्च किया है  वैचारिक पक्ष भी है और व्यावहारिक पक्ष वीरता के रूप में देखने को मिला है  जब विचार और व्यवहार में टेक्नोलॉजी का समावेश होता है तो वह परिणाम भी उपलब्ध करवाता है।  आज
यूपी पुलिस की जो पहचान बनी है, इसी का परिणाम है, लेकिन ध्यान रखना होगा इन तीनों में समन्वय बहुत जरूरी है।

यूपी पुलिस का सूत्र वाक्य- आपकी सुरक्षा हमारा संकल्प 

योगी ने कहा एक बंद चैंबर में हम किसी पर भी टिप्पणी कर सकते हैं वो अलग विषय है लेकिन बंद चैंबर के सुखद माहौल में तभी चिंतन कर सकते हैं, जब बेहतरीन सुरक्षा का माहौल हो, उन्होंने कहा कोई भी व्यक्ति हो, कितना भी बड़ा क्यों न हो, पद का गुरूर क्यों न हो, अगर उसकी सुरक्षा बाहर कर दी जाए तो उसे ‘भीगी बिल्ली’ बनने में बहुत देर नहीं लगेगी। एक सुरक्षित माहौल में स्वस्थ्य चिंतन हो सकता है, स्वस्थ्य और सुरक्षित माहौल में ही हम एक समृद्धि की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं।  यूपी पुलिस का सूत्र वाक्य ही है आपकी सुरक्षा हमारा संकल्प।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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