गन्ना मूल्य न चुकाने पर योगी सरकार सख्त, मुरादाबाद में चीनी मिल मालिक समेत तीन पर मुकदमा दर्ज

मिल पर टैगिंग नियमों के उल्लंघन का भी आरोप है। मिल ने 12 करोड़ रुपये की बगास बेच दी, लेकिन उस राशि से किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया।
गन्ना मूल्य न चुकाने पर योगी सरकार सख्त, मुरादाबाद में चीनी मिल मालिक समेत तीन पर मुकदमा दर्ज

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुरादाबाद के बिलारी में अजुध्या चीनी मिल के मालिक राणा वीर प्रताप सिंह, मुख्य वित्त अधिकारी गौरव गर्ग और उप महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा के खिलाफ गन्ना मूल्य भुगतान में देरी और टैगिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। मिल पर किसानों का कुल 164.21 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य में से 39.91 करोड़ रुपये बकाया है।

बिलारी गन्ना सहकारी समिति के सचिव द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, चीनी मिल ने 5 नवंबर 2024 को पेराई शुरू की और 26 फरवरी 2025 को बंद की। इस दौरान मिल ने किसानों से खरीदे गन्ने का मूल्य 164.21 करोड़ रुपये था, जिसमें से केवल 124.30 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। बकाया राशि के लिए जिला गन्ना अधिकारी, उप गन्ना आयुक्त और जिलाधिकारी द्वारा कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन मिल प्रबंधन ने भुगतान में सुधार नहीं किया।

टैगिंग नियमों के उल्लंघन

मिल पर टैगिंग नियमों के उल्लंघन का भी आरोप है। मिल ने 12 करोड़ रुपये की बगास बेच दी, लेकिन उस राशि से किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया। जिला मजिस्ट्रेट ने इसे लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन माना, जिसके बाद बिलारी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा और चीनी मिलों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

बकाया भुगतान के लिए धरना-प्रदर्शन

किसानों ने बकाया भुगतान के लिए लगातार धरना-प्रदर्शन किया था। मुरादाबाद जिले में राणा ग्रुप की बिलारी और बेलवाड़ा चीनी मिलों पर क्रमशः 39.91 करोड़ और 15 करोड़ रुपये का बकाया है, जबकि जिले की अन्य मिलों, अगवानपुर और रानी नागल, ने पूरा भुगतान कर दिया है। बकाया राशि को लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ रहा था, जिसके बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया।

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