देहरादून में PRSI मंच पर विशेषज्ञों ने साझा किए जनसंपर्क के अनुभव, फर्जी खबरों और डीपफेक पर जताई चिंता

पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), देहरादून चैप्टर द्वारा “लोकतंत्र में जनसंपर्क का महत्व” विषय पर बैठक आयोजित की गई। जिसमें परिवार और समाज के स्तर पर जनसंपर्क की भूमिका पर चर्चा हुई।
देहरादून में PRSI मंच पर विशेषज्ञों ने साझा किए जनसंपर्क के अनुभव, फर्जी खबरों और डीपफेक पर जताई चिंता

भारत में हर साल 21 अप्रैल को राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस (National Public Relations Day) मनाया जाता है। इसका मकसद जनसंपर्क पेशेवरों की भूमिका को मान्यता देना और जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना है। इस खास मौके पर मंगलवार को उत्तराखंड में पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), देहरादून चैप्टर द्वारा राजपुर रोड स्थित हुडको सभागार में “लोकतंत्र में जनसंपर्क का महत्व” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें कई सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की और अपने विचार रखे। गोष्ठी का संचालन वरिष्ठ पत्रकार संजीव कंडवाल ने किया।

कार्यक्रम में चैप्टर के अध्यक्ष एवं उपनिदेशक रवि बिजारनिया ने कहा कि लोकतंत्र में जनसंपर्क सरकार और जनता के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करता है। प्रभावी जनसंपर्क के माध्यम से संवाद स्थापित होता है, और यही संवाद विश्वास का निर्माण करता है, जो समाज में आशाओं को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

परिवार और समाज के स्तर पर जनसंपर्क की अहम भूमिका

वहीं, हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख संजय भार्गव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसंपर्क केवल शासन-प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार और समाज के स्तर पर भी इसकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने वर्तमान समय में संचार के बढ़ते माध्यमों के बीच जिम्मेदार और संतुलित संवाद की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

चैप्टर के सचिव अनिल सती ने उपस्थित सभ अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए PRSI की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके अलावा कार्यक्रम में सदस्य मनीता हरि ने फर्जी खबर और डीप फेक जैसी चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता बताई। इसके अलावा राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस के मौके पर वक्ताओं ने जनसंपर्क के सकारात्मक, प्रामाणिक और प्रभावी स्वरूप पर बल देते हुए इसे न केवल संस्थागत, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी राष्ट्र और समाज सेवा का सशक्त माध्यम बताया।

इस अवसर पर राकेश डोभाल, प्रियांक वशिष्ठ, सुशील कुमार, मनोज सती, रितिक, वैभव गोयल, विमल डबराल, दिनेश कुमार, दीपक शर्मा, संजय पांडेय, पुष्कर नेगी, मनोज कुमार और शिव सहित अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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