
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तराखंड के आपदाग्रस्त इलाकों का हाल जानने देहरादून पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरप्रीत सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद पीएम स्टेट गेस्ट हाउस गए, जहां उन्हें आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करना था, लेकिन खराब मौसम के चलते उनका दौरा रद्द कर दिया गया। इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों से मुलाकात की और अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने राहत कार्यों को लेकर बड़े फैसले लिए और नुकसान झेल रहे लोगों की मदद के लिए आर्थिक सहायता और पुनर्निर्माण योजनाओं का ऐलान किया।
राहत पैकेज का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में आपदा प्रभावित क्षेत्रों को लेकर बैठक के बाद 1200 करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित किया। साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता देने का फैसला किया। जिन बच्चों ने बाढ़ और भूस्खलन में माता-पिता खो दिए हैं, उन्हें पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत पूरी मदद दी जाएगी। केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण में सड़क, स्कूल और अन्य आवश्यक ढांचों के निर्माण में पूरा सहयोग दिया जाएगा। केंद्रीय टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं।
प्रभावितों और जवानों से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी कठिनाइयों पर संवेदनाएं जताईं। इसके अलावा उन्होंने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आपदा मित्र स्वयंसेवकों से भी बातचीत की और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के तहत क्षतिग्रस्त घरों का पुनर्निर्माण विशेष परियोजना के तहत किया जाएगा। सड़कें, स्कूल और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए केंद्र सरकार पूरी मदद प्रदान करेगी। पीएम ने यह भी बताया कि केंद्रीय टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं और रिपोर्ट मिलने के बाद जरूरत के अनुसार और मदद दी जाएगी।
पुनर्निर्माण की योजना
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आपदा प्रभावित इलाकों का दोबारा निर्माण और बहाली केंद्र सरकार की प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के साथ मिलकर हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचाई जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से खड़ा करने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रिपोर्ट के आधार पर और भी सहायता पैकेज दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने आपदा में काम कर रहे जवानों और स्वयंसेवकों का हौसला बढ़ाया और उनकी सेवा को सराहा। राहत कार्यों की निगरानी के लिए उच्च स्तरीय समितियां बनाई गई हैं ताकि मदद समय पर पहुंचे।
