सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी व वित्त मंत्री का जताया आभार , कहा- बजट से उत्तराखंड में 40 हजार करोड़ के काम शुरू होंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि बादाम, अखरोट को प्रोत्साहन दिया जाएगा। स्थानीय उद्योगों को पुनर्जीवित करने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
CM Pushkar Singh Dhami

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय बजट को देश एक सभी नागरिकों की आकांक्षाओं की पूर्ति करने वाला बजट बताया है, उन्होंने कहा कि ये बजट प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का बजट है, ये आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है।

मुख्यमंत्री धामी ने आज सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से बात की, उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 9वीं बार बजट पेश करने के लिए बधाई दी, धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विकसित भारत के लिए एक अच्छा बजट पेश करने के लिए बधाई और धन्यवाद दिया।

राज्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास होगा

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उत्तराखंड में केंद्रीय बजट से 40 हजार करोड़ के काम शुरू होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास होगा। सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का देवभूमि उत्तराखंड से खास लगाव है। इसलिए बजट में राज्य के हितों का ध्यान रखा गया है। सीएम ने केंद्रीय बजट को लेकर भी कहा कि बजट उत्तराखंड जैसे राज्यों के लिए संतुलित और क्षेत्रीय विकास की बड़ी संभावनाएं लेकर आया है।

पर्वतीय ट्रैकिंग ट्रेल्स से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

सीएम ने बताया कि 16वें वित्त आयोग से राज्य को 1800 करोड़ से अधिक मिलेंगे। पर्वतीय ट्रैकिंग ट्रेल्स से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। गाइड्स का कौशल विकास होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है।

बादाम, अखरोट को प्रोत्साहन दिया जाएगा

मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि बादाम, अखरोट को प्रोत्साहन दिया जाएगा। स्थानीय उद्योगों को पुनर्जीवित करने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन बढ़ेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बजट भारत के भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार किया गया है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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