Bhopal: कोरोना से अबतक 12 गैस पीड़ितों की मौत, कलेक्टर ने की व्यवस्थाओं पर चर्चा

Bhopal: कोरोना से अबतक 12 गैस पीड़ितों की मौत, कलेक्टर ने की व्यवस्थाओं पर चर्चा

भोपाल।

राजधानी(capital) में कोरोना(corona) संक्रमण(infection) का भोपाल(bhopal) गैस पीड़ितों(Gas victims) पर गहरा असर पड़ा है। जहां अब तक इस संक्रमण से भोपाल(bhopal) में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। उसमें से 12 गैस त्रासदी(Gas tragedy) में शिकार हुए लोग हैं। बीते दिनों कोरोना संक्रमण से हुए एक गैस पीड़ित मरीज की मौत के बाद यह आंकड़ा दर्जन पार कर चुका है। जहां लगातार कोरोना के संपर्क में आ रहे इन गैस पीड़ितों के लिए अब कलेक्टर(collector) तरुण पिथोड़े ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। वहीं सुप्रीम कोर्ट(supreme court) की निगरानी समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति(Justice) वी के अग्रवाल(V.K.Agarwal) ने मंगलवार को बीएमएचआरसी(BMHRC) की निदेशक प्रभा देसिकन को पत्र लिखा है।

दरअसल 25 अप्रैल और 26 अप्रैल को पॉजिटिव(positive) पोस्टमार्टम(Post mortem) के बाद राज्य के हमीदिया(hamidia) अस्पताल में दो मरीजों की मौत के साथ कोविद19 द्वारा मारे गए भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों की संख्या एक दर्जन हो गई है। वहीं गैस पीड़ितों के बीच काम करने वाले कार्यकर्ता समूह, जिला प्रशासन पर इस बात की ओर इशारा करते रहे हैं। इसके बावजूद घातक परिस्थितियों के बावजूद इस अत्यंत संवेदनशील समुदाय की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अब 12 मौतों के बाद अब प्रशासन आखिरकार इस समुदाय तक पहुंच रहा है।

कलेक्टर तरुण पिथोडे ने कहा है कि मेरे पास 5 लाख गैस पीड़ितों की सूची है। हम उन लोगों को एसएमएस भेज रहे हैं। जिन्हें टीबी या फेफड़ों का संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियां हैं। गैर सरकारी संगठनों की मदद से हम उन्हें मास्क और सैनिटाइज़र देंगे और उनसे घर पर रहने का अनुरोध करेंगे। हम उनमें से हर एक तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी के अग्रवाल ने मंगलवार को बीएमएचआरसी की निदेशक प्रभा देसिकन को पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने गास पीड़ितों के कोविद -19 के लिए सभी गैस पीड़ितों का परीक्षण करने और उन्हें बिना किसी समझौते के उचित इलाज देने के लिए कहा गया है।

जिला प्रशासन द्वारा पुष्टि किया गया नया मामला गैस पीड़ित कुम्हारपुरा निवासी 70 वर्षीय श्यामलाल प्रजापति की है। जिनकी मृत्यु कोविड19 के संक्रमण से हुई है। वो मधुमेह से पीड़ित थे और बीएमएचआरसी से नियमित दवा प्राप्त करते थे।जहां बुधवार को अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। उन्हें 19 अप्रैल को सांसों की तकलीफ के बाद हमीदिया अस्पताल ले जाया गया था। उनके परिवार ने अगले दिन एक निजी अस्पताल में उनका इलाज किया। जहां उन्हें 24 अप्रैल तक आईसीयू में रखा गया और अगले दिन सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। 25 अप्रैल को उन्हें बुखार आने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें कोरोना संदिग्ध मानते हुए उन्हें हमीदिया अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां अगले दिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी जांच रिपोर्ट 26 अप्रैल को पॉजिटिव अाई। जिसके बाद कोरोना संक्रमण से मरने वाले गैस पीड़ितों का आंकड़ा 13 पहुंच गया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews