भोपाल में रहवासी इलाकों में कारोबार पर सख्ती, 8 हजार से ज्यादा नोटिस किए गए जारी, सुनवाई के बाद की जाएगी सीलिंग की कार्रवाई

भोपाल नगर निगम ने रहवासी इलाकों में कमर्शियल इस्तेमाल पर कार्रवाई तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब तक 8 हजार से ज्यादा नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सुनवाई के बाद सीलिंग की कार्रवाई होगी जबकि व्यापारी इसे लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
भोपाल में रहवासी इलाकों में कारोबार पर सख्ती, 8 हजार से ज्यादा नोटिस किए गए जारी, सुनवाई के बाद की जाएगी सीलिंग की कार्रवाई

भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर नगर निगम ने कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। शहरभर में चल रहे सर्वे के बाद हजारों संपत्तियों को नोटिस दिए गए हैं। निगम का कहना है कि हर मामले में सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम आदेश जारी किए जाएंगे। नगर निगम के अनुसार शहर में अब तक 8 हजार से ज्यादा नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की है, जहां आवासीय भवनों का कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि तीन दिन में अधिभोग उल्लंघन की अवधि पूरी होने वाले करीब 750 नोटिस हैं, जबकि अवैध निर्माण से जुड़े 85 नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। इनमें 24 मामलों में अंतिम आदेश जारी हो चुका है। पिछले दो दिनों में प्रशासनिक बैठकों के कारण सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकी, लेकिन आगे प्रक्रिया जारी रहेगी।

सुनवाई के बाद होगा अंतिम फैसला

दरअसल नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सभी मामलों में सीधे सीलिंग नहीं होगी। पहले संबंधित पक्षों को नोटिस दिया जाएगा, फिर उनके जवाब और दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद गुण-दोष के आधार पर अंतिम आदेश जारी होंगे। जिन मामलों में उल्लंघन सही पाया जाएगा, उन्हें अधिभोग बंद करने की अंतिम सूचना दी जाएगी। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग या अन्य कार्रवाई की जाएगी। निगम का कहना है कि यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अपनाई जा रही है। नए सर्वे में सिर्फ कमर्शियल इस्तेमाल ही नहीं, बल्कि भवन से जुड़े दूसरे उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है। मुख्य मार्गों, उनसे जुड़ी गलियों, नदी-तालाब किनारे, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने भवनों की भी जांच प्राथमिकता से की जा रही है।

व्यापारियों का विरोध

नगर निगम की कार्रवाई के बाद शहर में अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन और चक्काजाम कर अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि एक साथ बड़ी संख्या में दुकानें बंद होने से रोजगार और लोगों की रोजमर्रा की सेवाएं प्रभावित होंगी। व्यापारियों ने सरकार से रहवासी इलाकों में चल रहे कारोबार के लिए नियमितीकरण की नीति बनाने की मांग की है।

वहीं दूसरी ओर रहवासी संगठन इस कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं। गुलमोहर कॉलोनी में शनिवार को टॉर्च रैली निकाली जाएगी, जबकि इससे पहले सात नंबर मार्केट में भी रैली हो चुकी है। नगर निगम के मुताबिक शहर में 62 हजार से ज्यादा ऐसी संपत्तियां चिन्हित की गई हैं, जहां रहवासी क्षेत्र में कारोबार चल रहा है। 5 अगस्त के बाद सर्वे का दायरा बढ़ाया गया, जिसके बाद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में लगातार नोटिस जारी किए गए। अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन और लालघाटी जैसे इलाकों में कई कारोबारी नोटिस मिलने के बाद वैध कमर्शियल क्षेत्रों में दुकानें तलाश रहे हैं।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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