छिंदवाड़ा दुर्घटना: मृतकों के परिवार को 50 हजार रुपये देगी कांग्रेस, मुआवजा पॉलिसी को लेकर उमंग सिंघार ने सरकार पर साधा निशाना

उमंग सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार की मुआवज़ा नीति स्पष्ट नहीं हैं, न पीड़ितों की स्थिति का समुचित आकलन होता है, न संवेदनशीलता दिखाई जाती है।
Umang Singhar

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुई बस दुर्घटना में जान गंवाने वाले परिवारों को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 8-8 लाख रुपये की सहायता की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने की है वे कल मृतकों के परिवारों से मिलने पहुंचे थे उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हल भी जाना था अब कांग्रेस ने भी इन परिवारों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है, कांग्रेस विधायक दल की ओर से प्रत्येक मृतक परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी ।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज भोपाल में मीडिया से बात करते हुए इस बात की घोषणा की, साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार की मुआवजा पॉलिसी पर भी सवालिया निशान लगाये, सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि इस सरकार में गरीबों के लिए कोई नियम नहीं है ना कोई पॉलिसी , ना सिंगल विंडो , सब कुछ अमीरों के लिए है।

कांग्रेस ने की मुआवजा पॉलिसी बनाने की मांग की 

दुर्घटना में मृतकों को दी जाने वाली अलग अलग मुआवजा राशि पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ऐसा क्यों होता है कि अलग अलग दुर्घटना के मृतकों को अलग अलग मुआवजा दिया जाता है और उसे लेने के लिए उसे विभागों एक चक्कर लगाने पड़ते हैं, सरकार एकसी पॉलिसी क्यों नहीं बनाती? ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं करती कि जिसके घर का दीपक बुझा है उसे मुआवजे लिए भटकना नहीं पड़े।

उमंग सिंघार ने दिए मुआवजे के आंकड़े 

  • भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में 2 लाख रुपये दिए गए।
  • छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड 4 लाख रुपये दिए गए।
  • एमवायअस्पताल चूहा कांड में 5 लाख रुपये दिए गए।
  • छिंदवाड़ा बस हादसे में अब सरकार ने 8 लाख प्रति मृतक का मुआवज़ा घोषित किया है।
  • जबकि शुरुआत में स्वयं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा केवल 4 लाख रुपये की घोषणा की गई थी।

डरा धमकाकर बुलाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग 

सिंघार ने उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है जिन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आने का दबाव बनाया, उन्होंने कहा कि सरकार के अधिअकरी धमकी देकर महिलाओं को बुलाते हैं कि यदि वे नहीं आई तो उन्हें लाड़ली बहाना की राशि नहीं मिलेगी, तो क्या बस दुर्घटना होने पर इन अधिकारियों की कोई जिमेम्दारी नहीं है क्योंकि ये महिलाएं तो उनके कहने पर ही आई थी।

LPG पेट्रोल डीजल पर केंद्र सरकार को घेरा 

उमंग सिंघार ने युद्ध के हालात के चलते देश में LPG डीजल पेट्रोल की कमी से उपजे हालात पर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और उनकी नीतियों को विफल बताया, प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए सिंघार ने कहा भाजपा सरकार न जनता की जान सुरक्षित कर पा रही है, न रसोई के चूल्हे जला पा रही है। सड़कें असुरक्षित हैं, मुआवज़ा व्यवस्था असंवेदनशील है, और आवश्यक सेवाएँ संकट में हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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