सीएम शिवराज सिंह चौहान की चेतावनी- गड़बड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा, बैठक में दिए अहम सूत्र

सीएम शिवराज सिंह चौहान की चेतावनी- गड़बड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा, बैठक में दिए अहम सूत्र

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj singh chouhan) ने आज मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक में मंत्रीगण, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभाग अध्यक्ष शामिल रहे। इस अवसर पर शासन की वर्ष 2021 की डिजिटल डायरी और डिजिटल कैलेंडर का विमोचन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

सीएम ने कोरोना काल को लेकर कही ये बात

मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी को नववर्ष की शुभकामना दी। उन्होने कहा कि वर्ष 2020 में कोरोना का संकट था। अधिकारियों ने परिश्रम की पराकाष्ठा की तथा आप सभी की मेहनत के कारण कोरोना का संकट बहुत ज्यादा नहीं फैल पाया। कुछ समय जरूर ऐसा लगा था कि हम इससे कैसे निपटेंगे। लेकिन सभी के अथक प्रयासों से हम संकट को कम रखने में कामयाब रहे।सीएम ने कहा कि कोरोना ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। अब हमें अपनी जीवन शैली बदलने की आवश्यकता है। कोरोना काल में 82 हज़ार करोड़ दिए, आज ये चमत्कार लगता है लेकिन हमारी सरकार ने ये किया है। हम इस पर गर्व कर सकते है लेकिन अभी बहुत काम करने की जरूरत है, इसलिए आपको आज ही बुला लिया है। उन्होने कहा कि हमें इस वर्ष नए आयाम स्थापित करने हैं। मैं परिश्रम, दक्षता के लिए उपदेश नहीं दे रहा, ये मेरे ऊपर भी लागू है और सबसे पहले मैं इन सूत्रों को मानूंगा।

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को दिए ये सूत्र

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बैठक में कुछ अहम सूत्र दिए। उन्होने कहा कि पहला सूत्र- जनता ही भगवान है। सरकार के खजाने में पहला हक गरीबों का है। गरीबों का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ किसान हमारा केंद्र बिंदु है। एक और महत्वपूर्ण सूत्र- सुशासन अर्थात बिना लिए दिए जनता के काम होना। सीएम ने कहा कि फीडबैक सिस्टम मजबूत करिए। जनता से बेहतर फीडबैक कोई नहीं देता। मंत्री लीडर है, अफसर उनकी लीडरशिप में काम करें। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि आज किसी सभा में मैं किसी अफसर को डांट दू तो जनता ताली बजाती है, ऐसा लगता है कि कहीं अविश्वास सा है अधिकारी के प्रति। ये नहीं होना चाहिए , आप जनता के बीच अपना विश्वास बनाइए, जनता की बात सुनिये। इसी के साथ उन्होने बेहद गंभीरता से कहा कि एक सूत्र और- गड़बड़ करने वालो को नहीं छोड़ा जाएगा। माफिया, मिलावट खोर संभल जाएं, इन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारी भी संभले। उन्होने महिला सशक्तिकरण और कुपोषण पर भी बात की। सीएम ने कहा कि हमने कुपोषण के उन्मूलन के लिए योजना बनाई गई है। साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं का आर्थिक, शैक्षणिक और सुरक्षा सशक्तिकरण जरूरी है।

गड़बड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा, सीएम की चेतावनी

मुख्यमंत्री ने पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाइयों के लिए पुलिसबल की सराहना की। उन्होने नीमच, उज्जैन मंदसौर की घटना की चर्चा की और कहा कि प्रदेश मेंं शांति हर कीमत पर जरूरी है। जो भी गड़बड़ करेगा उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। इसी के साथ सीएम ने लंबित परियोजनाओं पर चर्चा मुख्यमंत्री। उन्होने मंत्रियों से कहा कि अपने विभाग की लंबित परियोजनाओं की मॉनिटरिंग बढ़ाइए। ऐसी योजनाएं जो उपयोगी नहीं है उनकी सूची बनाइए। शासकीय सेवाओं के लिए विभाग सिंगल विंडो के लिए काम करें। मंडी, श्रम सुधारों को प्रभावी रूप से लागू करें। रोजगार महत्वपूर्ण विषय है, विभाग इसकी चिंता करें। विभाग रोजगार सृजित करने के लिए सोचें और आउट ऑफ द बॉक्स सोचें। शासकीय रोजगार के साथ अन्य विकल्पों पर विचार करें। इनक्लूसिव ग्रोथ के लिए काम करें। निवेश ज्यादा से ज्यादा आये इसके लिए काम करें। उन्होने कहा कि इक्कीसवी सदी मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस की जरूरत है।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश पर फोकस

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा फोकस आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश पर है। मंत्रियों के निर्देश पर अधिकारी आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए जुटें। आत्मनिर्भर मदयप्रदेश के अल्पकालीन, मध्यकालीन और दीर्घकालीन लक्ष्यों के लिए विभाग काम करें। अफसर कार्यालय में बैठने के साथ एक हिस्सा फील्ड के लिए भी निकालेंं। उन्होने कहा कि स्वास्थ्य महत्वपूर्ण विषय है, कोरोना में अच्छा कार्य हुआ लेकिन जिला चिकित्सालय उच्च कोटि के कैसे हो इस दिशा में काम करने की जरूरत है। फीवर क्लीनिक के कांसेप्ट को विकसित करने पर विचार करें, इसपर विभाग काम करें। छोटी बीमारियों का इलाज इन फीवर क्लिनिक पर हो, इस दिशा में प्लान तैयार करें। इसी के साथ सीएम ने शिक्षा को लेकर भी अहम दिशानिर्देश दिए। उन्होने कहा कि स्कूल शिक्षा को उन्नत बनाना है। हर 20-25 किलोमीटर पर एक अच्छा स्कूल होना आज के समय की जरूरत है। इसे लेकर विभाग विचार करें। उच्च शिक्षा के लिए प्रशिक्षण संस्थान बनाने की जरूरत है।

निश्चित समय पर परियोजनाएं पूर्ण करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजनाएं निश्चित समय सीमा पर पूरी हो ये जरूरी है और मैं लगातार विभागों की समीक्षा कर रहा हूँ। इससे कई परियोजनाओं के काम मे तेजी से भी आई है। उन्होने कहा कि वित्त्तीय प्रबंधन के हिसाब से बीता साल अच्छा नहीं रहा, उम्मीद है कि यह वर्ष अच्छा रहेगा। सीएम ने कहा कि ये आईटी युग है, अनेक विभाग की सेवा इलेक्ट्रॉनिक-ऑनलाइन हुई है। अब सुदूर गांवों में अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी जरूरी है। इसीलिए इंदौर में आईटी कंपनियों की स्थापना में तेजी लाई जाए।

माफिया को समूल खत्म करने का संकल्प

माफिया को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनके पूरे नेटवर्क को ट्रैक कर उन्हें ध्वस्त करना है। वहीं साइबर क्राइम के निराकरण के लिए पुलिसकर्मियों की दक्षता जरूरी है, इस दिशा में विभाग काम करें। सीएम ने कहा कि आपदा के समय SDRF (State Disaster Response Fund) ने अच्छा काम किया है। Sdrf के लिए उन्नत से संसाधन जरूरी है, इसके लिए विभाग काम करें। प्रदेश में कानून व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होने कहा कि पत्थरबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और कानून जरूरी है। कई बार पत्थर बाजी में जान जाने का भी खतरा रहता है।

कोरोना वॉरियर्स का सम्मान करने की घोषणा

बैठक में सीएम ने घोषणा की कि कोरोना वारियर्स के सम्मान का बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा। इसी के साथ उन्होने कहा कि हमारी प्राथमिकता गरीबों का कल्याण है। हमें प्रदेश को नंबर 1 राज्य बनाना है और मैं इसके लिए जुट रहा हूं। असंभव शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है और मेरे साथ सभी। इस दिशा में प्रयास करें। बैठक में सीएम ने इस साल की डिजटल डायरी और कैलेंडर का विमोचन भी किया। साथ ही दिवंगत आईएएस मसूद अख्तर और आईपीएस अफसर अफजल को श्रद्धांजलि भी दी गई।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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