MP में महिलाओं-बालिकाओं के लापता होने की घटनाओं पर कांग्रेस ने जताई चिंता, जीतू पटवारी ने अमित शाह को लिखा पत्र, केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने विधानसभा में सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं अब भी लापता हैं, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में राज्य सरकार को ठोस व प्रभावी कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है, ताकि प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
MP Congress Jitu Patwari

Jitu Patwari

कांग्रेस ने एक बार फिर मध्यप्रदेश में महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की महिलाओं और बालिकाओं के लापता होने की घटनाओं को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि प्रदेश के गृह मंत्री बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।

कांग्रेस नेता ने मध्यप्रदेश विधानसभा में एक सवाल के जवाब में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की कि गृह मंत्री को हटाकर किसी जिम्मेदार को यह पद दिया जाए ताकि प्रदेश में बेटियों और बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

जीतू पटवारी ने अमित शाह को लिखा पत्र

जीतू पटवारी ने अमित शाह को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी सरकार के 22 वर्षों के शासन में महिलाओं की स्थिति लगातार बदतर हुई है और वर्तमान गृह मंत्री (जो मुख्यमंत्री भी हैं) पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया द्वारा विधानसभा में किए गए प्रश्न के जवाब में सरकार का जवाब का उद्धरण दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मध्यप्रदेश विधानसभा में पेश सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2020 से 28 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कुल 2 लाख 6 हजार 507 महिलाएं और 63 हजार 793 बालिकाएं लापता हुई। इनमें से 47 हजार 984 महिलाएं और 2 हजार 186 बालिकाएं आज तक नहीं मिलीं। अकेले इंदौर में करीब 5 हजार और धार जिले में 2500 से अधिक मामले अनसुलझे हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े पुलिस की नाकामी और सरकार की अकर्मण्यता का स्पष्ट प्रमाण हैं।

केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग 

पत्र में पटवारी ने लिखा है कि पुलिस खोजबीन के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात इसके विपरीत संकेत दे रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के गृह मंत्री बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जीतू पटवारी ने अमित शाह से आग्रह किया कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और राज्य सरकार को बेटियों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने के लिए निर्देशित करें। इसी के साथ उन्होंने मांग की है कि प्रदेश में गृहमंत्री का पद किसी ज़िम्मेदार व्यक्ति को दिया जाए जिससे यहां बेटियों बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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