MP में बेकाबू हुआ कोरोना, फिर मिले 1 हजार से अधिक नए पॉजिटिव, एक्टिव केस 10 हजार पार

MP में बेकाबू हुआ कोरोना, फिर मिले 1 हजार से अधिक नए पॉजिटिव, एक्टिव केस 10 हजार पार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बेकाबू होते जा रहे कोरोना (Corona) ने सभी पुराने रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं| रोजाना सामने आ रहे आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं| प्रदेश में एक बार फिर एक हजार से अधिक नए मामले सामने आये हैं| तीसरे बार यह आंकड़ा हजार पार हुआ है| पिछले 24 घंटे में 10312 नए कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) मिले हैं| इन्हे मिलाकर प्रदेश में अब 45455 संक्रमितों की संख्या हो चुकी है|

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 22011 सैंपल की जांच की गई। जिसमे 195 सैंपल रिजेक्ट हो गए। 20989 सैंपल नेगेटिव और 1022 सैंपल पॉजिटिव पाए गए। पिछले 24 घंटे में 11 मरीजों की मौत हो गई। प्रदेश में अब तक 1105 लोग कोरोना से जंग हार चुके हैं| 685 मरीज डिस्चार्ज किए गए।
जिसके बाद प्रदेश में कोरोना को मात देकर अस्पताल से घर लौट चुके लोगों की संख्या 34038 हो गई है| प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या बढ़ी है| अब 10312 लोग कोरोना का इलाज करा रहे हैं|

सरकारी रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक इंदौर में 214 और जबलपुर में 126 भोपाल में 123 ग्वालियर में 65 नए मरीज मिले हैं| मध्य प्रदेश के 22 जिलों में 100 से ज्यादा एक्टिव केस हैं। पिछले 24 घंटे में 48 जिलों में नए केस मिले हैं| सिर्फ जिले ऐसे हैं जहां आज कोई नया केस सामने नहीं आया|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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