कोरोना ने मिटाई सियासी तल्खी, वीडी शर्मा का कमलनाथ को सहयोग का आश्वासन

कोरोना ने मिटाई सियासी तल्खी, वीडी शर्मा का कमलनाथ को सहयोग का आश्वासन

भोपाल। कोरोना वायरस ने मध्यप्रदेश में चल रही राजनीतक उठापटक को कुछ विराम दे दिया है। इस आपदा के समय प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे के साथ खड़ी दिख रही है।

पिछले कुछ दिनों में प्रदेश का सियासी संग्राम इस कदर जारी था कि सब लगातार एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे थे। नौबत ये आ गई कि कमलनाथ को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा और अब बीजेपी सरकार बनाने का दावा पेश करने जा रही है। लेकिन इसी बीच दुनियाभर में हाहाकार मचा चुके कोरोना वायरस का खतरा हमारे देश में भी बढ गया और पीएम मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील कर डाली। प्रदेश में भी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज सामने आए हैं और अब सरकार और प्रशासन इससे निपटने की कवायद में जुट गए हैं। ऐसे संकट के समय में अब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस आपदा से निपटने में हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया है।

वीजी शर्मा ने कमलनाथ और राज्यपाल लालजी टंडन से कहा है कि है कि कोरोना वायरस को लेकर सरकार और प्रशासन के द्वारा जनता के हित में उठाए जाने वाले हर कदम पर बीजेपी उनके साथ है। अपने ट्वीट में वीडी शर्मा ने लिखा है “मेरी मध्य प्रदेश के आदरणीय राज्यपाल और कार्यकारी मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिये पूरी बीजेपी आपके साथ खड़ी है और हम हर संभव सहयोग देंगे। हमें मिलकर कोरोना वायरस से प्रदेश की जनता को बचाना है।” इस ट्वीट ने एक बार फिर राजनीतिक मतभेद भुलाकर आपदा से समय एक दूसरे के साथ खड़े रहने की मिसाल पेश की है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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