DGP का आदेश, आपराधिक प्रकरण और विभागीय जांच वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारी थानों, क्राइम ब्रांच और दफ्तरों में नहीं होंगे तैनात

एडीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि आपराधिक प्रकरण और विभागीय जांच वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी पुलिस मुख्यालय को ई-मेल aig admin2@mppolice.gov.in पर शीघ्र भेजें
Madhya Pradesh Police

Madhya Pradesh Police’s initiative in Naxal-affected areas

मध्य प्रदेश के DGP कैलाश मकवाना ने आपराधिक प्रकरण और विभागीय जाँच में संलिप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विषय में बड़ा आदेश दिया है, पुलिस महानिदेशक ने आदेश दिया है कि ऐसे कोई भी अधिकारी कर्मचारी ना थानों में पदस्थ होंगे, ना क्राइम ब्रांच में और ना ही ये किसी अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ किये जायेंगे, पुलिस मुख्यालय में ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं।

मध्य प्रदेश के जिलों में पुलिस थानों पर लंबे समय से जमे आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उप निरीक्षक और उप निरीक्षकों को हटाने के आदेश के बाद डीजीपी ने आईजी, डीआईजी, एसपी के कार्यालयों में लंबे समय से जमे कर्मचारियों को हटाने के निर्देश पिछले दिनों दिए थे और पिछले आदेशों का पालन नहीं करने पर नाराजगी जताई थी।

अब डीजीपी ने आपराधिक प्रकरण और विभागीय जांच में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विषय में आदेश जारी किये है, विशेष महानिदेशक (प्रशासन) पुलिस मुख्यालय भोपाल आदर्श कटिमार ने डीजीपी के आदेश पर पुलिस आयुक्त (इन्दौर/भोपाल) और प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों (रेल सहित) के लिए आदेश जारी किया है।

आदेश का पालन नहीं होने पर नाराजगी 

ADGP आदर्श कटियार ने पत्र में लिखा कि 15 अक्टूबर 2014 को पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में आपराधिक प्रकरण एवं विभागीय जांच में संलिप्त पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों की थानों में पदस्थापना के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये थे किन्तु देखने में यह आया है कि इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

थानों, क्राइम ब्रांच और अधिकारियों के ऑफिस में तैनाती प्रतिबंधित  

अतः पुनः निर्देशित किया जाता है कि जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण विवेचना अथवा अभियोजन में लंबित है (दुर्घटना प्रकरण को छोड़कर) तथा जिन पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, नैतिक अधोपतन, शारीरिक हिंसा एवं अवैध निरोध संबंधी आरोपों पर विभागीय जांच लंबित है उन्हें पुलिस थानों, काईम ब्रांच अथवा किसी अधिकारी के कार्यालय में तैनात नहीं किया जायेगा।

अधिकारियों, कर्मचारियों की जानकारी मुख्यालय ने मांगी 

एडीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए उनके अधीनस्थ इकाइयों में इस तरह के जो भी पुलिस अधिकारी, कर्मचारी हैं उनके बारे में आवश्यक कार्यवाही कर पालन प्रतिवेदन सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक) को ई-मेल aig admin2@mppolice.gov.in पर भेजें तथा भविष्य में भी इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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