भोपाल में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मनाई होली, देशवासियों को दी शुभकामनाएं, कहा ‘प्रेम और सद्भाव की परंपरा बनाए रखें’

उन्होंने कहा कि यह पर्व समाज में दूरी मिटाकर लोगों को करीब लाने का अवसर देता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि होली का त्योहार हमें आपसी रिश्तों को मजबूत करने और समाज में सकारात्मक माहौल बनाए रखने की प्रेरणा देता है और हमें इसकी मूल भावना को बरकरार रखना होगा।
Digvijaya Singh Holi Celebration

Digvijaya Singh Holi Celebration

पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भोपाल में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उत्साहपूर्वक होली मनाई। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को रंग-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं और देशवासियों को आपसी सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सदियों से होली का त्योहार प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का त्यौहार रहा है। यहां सारे भेदभाव दूर करके लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और हमें इसी परंपरा को आगे बढ़ाना है।

इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। सभी ने पारंपरिक अंदाज में एक-दूसरे को रंग लगाकर और मुँह मीठा कर पर्व की खुशियां साझा कीं। इस मौके पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह समाज में प्रेम, मेल-मिलाप और सामाजिक एकता का प्रतीक है।

दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मनाई होली

रंगों के त्योहार होली आज राजधानी भोपाल में भी पूरे उमंग के साथ मनाया गया। शहर में जगह-जगह होली समारोह, रंगोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोग एक-दूसरे पर गुलाल और अबीर उड़ाते नजर आए, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इसकी धूम रही। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ होली का उत्सव मनाया। इस मौके पर उन्होंने कार्यकर्ताओं को गुलाल लगाया और मंगलकामनाएं दीं।

प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया

दिग्विजय सिंह ने देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि ये पर्व सभी के लिए खुशियां लेकर आए। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ‘सदियों से होली का त्योहार प्रेम सद्भाव भाईचारे की मिसाल रहा है। इस दिन सारे भेदभाव वैमनस्यता दूर कर लोग एक दूसरे से मिलते हैं। ये हमारे लिए ऐसा त्योहार है जिसमें हर जगह प्रेम सद्भाव की बात होती है। अगर कोई मतभेद भी हो तो उसे भूलाकर लोग एक दूसरे के गले मिलते हैं।’ उन्होंने कहा कि होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है बल्कि यह समाज में मेल-मिलाप सामाजिक एकता का प्रतीक रहा है और हमें इस भाव को बनाए रखना है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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