
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। विदिशा के लटेरी रेंज में हुई गोलीकांड पर सरकार द्वारा की गई आनन फानन की कार्यवाही से वनकर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच का मानना है कि इस तरह बिना जांच के कार्यवाही करने से वनकर्मचारियों का मनोबल टूट जाएगा और इससे वन अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे वही बिना जांच के एफ आई आर दर्ज करने से प्रदेश के वन कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।
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मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया है कि वन कर्मियों पर दर्ज की गई कार्यवाही दुर्भाग्यपूर्ण है, कर्मचारी अपनी जान को दांव पर रखकर अपराधियों से वनों कीसुरक्षा करते हैं वहीं जब यह वनों में अवैध कटाई और शिकार करने वाले अपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करते हैं तो उनका मनोबल बढ़ाने के बजाय प्रशासन द्वारा उनको ही कटघरे पर खड़ा कर दिया जाता है विदिशा के लटेरी में मंगलवार की रात हुए घटनाक्रम में यह बात सामने आई है क्योंकि शासन ने बिना जांच किए ही वन कर्मचारियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने में देरी नहीं लगाई है वनकर्मियों के अनुसार होना यह चाहिए था कि प्रशासन न्यायिक जांच के आधार पर सामने आए तथ्यों के आधार पर उजागर गुण दोष को देखते हुए कार्यवाही करता बावजूद इसके वन कर्मचारियों से पूछताछ की जरूरत ही नहीं समझी गई मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच मांग करता है कि जब तक न्यायिक जांच दल सरकार को अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देता है तब तक वन कर्मचारियों के खिलाफ लगाई गई सभी अपराधिक धाराओं को निरस्त समझा जाए शासन के आदेश भी हैं कि बिना जांच तथा शासन की अनुमति के बगैर वन कर्मचारियों के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण ना कायम किया जाए लेकिन प्रशासन ने बिना जांच किए ही वनकर्मचारियों के विरुद्ध हत्या एवं हत्या के प्रयास का अपराधिक प्रकरण कायम कर लिया है सरकार लकड़ी चोरों के नहीं वनकर्मचारियों के पक्ष में खड़ी हो तभी वनों की सुरक्षा होगी वनकर्मचारियों ने लकड़ी चोरों पर आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई थी ना की हत्या करने के लिए इस प्रकरण में मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच शीघ्र हीमुख्यमंत्री गृह मंत्री वनमंत्री को ज्ञापन सौंपकर वन कर्मचारियों को न्याय देने उन्हें सुरक्षा देने की मांग करेगा लटेरी कांड में की गई जल्दबाजी की कार्यवाही पर शीघ्र रोक लगाने की मांग करेगा।
