एम्स भोपाल की डॉ. रागिनी श्रीवास्तव ने हेत्थकेयर में एआई की भूमिका पर मैनिट में दिया व्याख्यान

इस व्याख्यान में एमएएनआईटी के शिक्ष्क, पीएचडी विद्वान और पीजी छात्र सहित 30 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने ऑटोनोमिक फंक्शन टेस्ट के बारे में जानकारी दी और बताया कि एआई से इन टेस्ट में क्या बदलाव और सुधार आ सकते हैं।
एम्स भोपाल की डॉ. रागिनी श्रीवास्तव ने हेत्थकेयर में एआई की भूमिका पर मैनिट में दिया व्याख्यान

BHOPAL NEWS : एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्र. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में संकाय सदस्य शैक्षणिक और शोध गतिविधियों में लगातार योगदान दे रहे हैं। हाल ही में, फिजियोलॉजी विभाग की डॉ. रागिनी श्रीवास्तव ने मौलाना आजाद राष्ट्रीय  प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट), भोपाल में एक व्याख्यान दिया।

“हेल्थकेयर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-” पर आधारित

यह व्याखयान “हेल्थकेयर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-” पर आधारित फैकल्टी विकास कार्यक्रम (एफडीपी) का। हिस्सा था, जो 16 से 20 दिसंबर 2024 तक चला। डॉ. रागिनी श्रीवास्तव ने “कार्डियक ऑटोनोमिक फंक्शन्स के मूल्यांकन में एआई का उपयोग” विषय पर बात की। इस व्याख्यान में एमएएनआईटी के शिक्ष्क, पीएचडी विद्वान और पीजी छात्र सहित 30 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने ऑटोनोमिक फंक्शन टेस्ट के बारे में जानकारी दी और बताया कि एआई से इन टेस्ट में क्या बदलाव और सुधार आ सकते हैं।

एआई के उपयोग के संभावित रास्तों पर चर्चा

सत्र के दौरान वर्तमान समय में किए जाने वाले ऑटोनोमिक फंक्शन टेस्ट और भविष्य में इसमें एआई के उपयोग के संभावित रास्तों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने गहरी रुचि के साथ सवाल पूछे और बातचीत में हिसा लिया। इस व्याखयान ने सभी को इन नई खोजों के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रो. सिंह ने कहा, “एम्स भोपाल हमेशा शैक्षणिक उत्कृष्टता और नई तकनीकों पर आधारित शोध को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है। इस तरह के कार्यक्रम चिकित्सा और प्रौद्योगिकी के मेल को बढ़ावा देते हैं और प्रतिभागियों को इन क्ष्रोंमें कुछ नया ‘करने लिए प्रेरित करते हैं।”

Sushma Bhardwaj
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