ऊर्जा मंत्री की दो टूक, जो अधिकारी जिम्मेदारी नहीं उठा सके वहां जूनियर सक्षम अधिकारियों को पदस्थ करें, 15 अफसरों की वेतन वृद्धि रोकी

उन्होंने कहा कि मानसून तो अभी शुरू हो रहा है, इसके पहले ही बिजली ट्रिपिंग की इतनी घटनाएँ होना बहुत ही दुखद है। जहाँ जरूरी हो एफओसी की संख्या बढ़ायें। उन्होंने कहा कि विद्युत अवरोध के सही कारणों से लोगों को अवगत करायें।
Energy Minister

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आज मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिजली ट्रिपिंग और मेंटीनेंस कार्यों की समीक्षा की उन्होंने लापरवाही सामने आने पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि बिजली कंपनियों के जिन अधिकारियों द्वारा अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है, उन्हें रिप्लेस करें। ऐसे अधिकारियों के स्थान पर उनके जूनियर सक्षम अधिकारियों को पदस्थ करें।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि क्षेत्र का लगातार भ्रमण करें,  टूर प्रोग्राम की जानकारी एडवांस में भेजें। निरीक्षण के दौरान सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों, ट्रिपिंग और मेंटीनेंस की स्थिति प्रमुखता से देखें। जिन शिकायतों का निराकरण 3 से 4 घंटे में हुआ है, उनकी कारण सहित जानकारी दें। इस पर भी विचार करें कि क्या मेंटीनेंस का समय 4 घंटे से कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाओं पर तुरंत संज्ञान लें। बैठक में एमडी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं का फोन नहीं उठाने पर 15 अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकी गयी है।

शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में हो 

मंत्री तोमर ने जिलेवार लंबित शिकायतें एवं उनके निराकरण में लगने वाले समय की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में करें। अगर कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, तो निराकरण में न्यूनतम समय लगना चाहिये। अगर बड़ी घटना हुई है, तो उसका फोटो, वीडियो और की जा रही कार्यवाही को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर अपलोड करें।

मेन-पॉवर और इक्यूपमेंट्स की कमी दूर करें

मंत्री तोमर ने खासतौर से इंदौर की स्थिति की समीक्षा के दौरान कम्पनी के एमडी को स्पष्ट निर्देश दिये कि जरूरत के अनुसार मेन-पॉवर और इक्यूपमेंट्स की कमी दूर करें। साथ ही यह भी देखें कि मेंटीनेंस के बाद भी ट्रिपिंग क्यों हो रही है। रहवासी संघों और जन-प्रतिनिधियों के साथ लगातार सम्पर्क में रहें। उन्होंने कहा कि मानसून तो अभी शुरू हो रहा है, इसके पहले ही बिजली ट्रिपिंग की इतनी घटनाएँ होना बहुत ही दुखद है। जहाँ जरूरी हो एफओसी की संख्या बढ़ायें। उन्होंने कहा कि विद्युत अवरोध के सही कारणों से लोगों को अवगत करायें।

मेंटीनेंस के लिये तीनों कम्पनियों को 15-15 करोड़ रुपये

अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मण्डलोई ने कहा कि मेंटीनेंस के लिये तीनों कम्पनियों को 15-15 करोड़ रुपये दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राशि का सदुपयोग करें और बेहतर ढंग से मेंटीनेंस सुनिश्चित करें, जिससे ट्रिपिंग कम से कम हो। विद्युत वितरण कम्पनियों के एमडी ने विद्युत ट्रिपिंग रोकने और शिकायतों के निराकरण के लिये की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया। इस दौरान प्रबंध संचालक पॉवर मैनेजमेंट कंपनी अविनाश लवानिया भी उपस्थित थे। अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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