गणेश एवं दुर्गा उत्सव समिति की सार्वजनिक रूप से गणेशोत्सव मनाने की मांग, कहा- “गाइडलाइन का पालन करेंगे”

गणेश एवं दुर्गा उत्सव समिति की सार्वजनिक रूप से गणेशोत्सव मनाने की मांग, कहा- “गाइडलाइन का पालन करेंगे”

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

गणेश एवं दुर्गा उत्सव समिति ने सरकार से अपील की है कि उन्हें सार्वजनिक रूप से गणेश उत्सव मनाने ही अनुमति दी जाए। इसे लेकर उन्होने आज गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें लिखा है कि यदि सरकार गणेश उत्सव मनाने की अनुमति देती है तो वे कोरोना गाइडलाइन का पूर्ण रूप से पालन करते हुए उत्सव मनाएंगे।

समिति ने अपने ज्ञापन में कहा है कि वे हमेशा सरकार की गाइडलाइन का पालन करता रहे हैं। बाल गंगाधर तिलक द्वारा समाज को जोड़ने के उद्देश्य से भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना भारत में प्रारंभ हुई और देश की आजादी में इसका प्रमुख योगदान रहा। यह हमारी सनातन परम्परा है। भोपाल में नवबी काल में भी भोपाल के प्रथम गणेश सराफा चौक में बैठाये गये जो कि अभी तक निरंतर प्रारंभ है। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा भी शासन के निर्देशानुसार ही निकाली गई और परम्परा का निर्वहन हुआ। लेकिन अब कोरोन के कारण प्रदेश में सरकार ने कहीं भी सार्वजनिक झाँकी लगाकर गणेश उत्सव नहीं मनाने के निर्देश जारी किए हैं। समिति ने कहा कि इस निर्णय से हिंदू समाज को आघात पहुँचा है। हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री भी स्वयं गणेश उत्सव को बड़ी धूमधाम से आयोजित करते हैं। हमारा शासन से विनम्र निवेदन है कि शासन जो भी गाइड लाइन तय करेगी, उसके अनुसार ही हम झाँकी का निर्माण करेंगे। जिससे कि किसी भी प्रकार से कोरोना महामारी ना फैले और हमारी परम्परा का निर्वहन भी हो जाये। समस्त गणेश एवं दुर्गा उत्सव समिति व हिन्दू समाज द्वारा निवेदन किया गया है कि सरकार अपने निर्णय पर आप पुर्नविचार करे।

भोपाल में लगभग 600 मूर्तिकारों के परिवार है, जिन्होंने मूर्तियों का निर्माण लगभग पूर्ण कर लिया है। आगामी 22 अगस्त से गणेश उत्सव प्रारंभ हो रहा है और मूर्तियाँ बनकर पूर्ण हो गयी है। ऐसे में इस निर्णय से प्रजापति समाज के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। समिति द्वारा इस बात का भी उल्लेख करते हुए अपील की गई है कि कि गणेश उत्सव की झाँकी लगाने की अनुमति प्रदान की जाए।

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