गोल्डन सिटी के मालिक मनीष जैन के घर आयकर विभाग का छापा, पूर्व चीफ सेक्रेटरी से हैं नजदीकी सम्बन्ध

आयकर विभाग की टीम की छापे की कार्रवाई जारी है, ये जानकारी अभी शुरूआती तौर पर सूत्रों के जरिये बाहर आई है, यदि सूत्रों की बात पर भरोसा करें कि एक बंगला यदि 5 करोड़ का है तो समझ लीजिये बड़े साहब का बंगला कितने करोड़ का होगा और वहां क्या क्या लग्जरी सामना होगा?
Bhopal IT raid

Income Tax department raids Golden City owner Manish Jain: राजधानी भोपाल से एक बड़ी खबर आ रही है, पिछले दिनों परिवहन विभाग का घोटाला उजागर करने और फिर बिल्डर्स के ठिकानों पर छापेमारी करने वाले आयकर विभाग ने एक बार फिर छापे मारे हैं इस बार आयकर विभाग के निशाने पर हैं गोल्डन सिटी के मालिक मनीष जैन का घर।खबर है कि विभाग को यहाँ करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति होने की जानकारी मिली है, बताया जाता है कि मनीष जैन के एक पूर्व चीफ सेक्रेटरी से नजदीकी सम्बन्ध हैं जिसका लाभ वे समय समय पर लेते रहे हैं।

आयकर विभाग पिछले कुछ महीनों से राजधानी भोपाल में भौकाल मचाये हुए है, विभाग के छापे की खबर सुनते ही काली कमाई करने वाले सदमे में आ जाते हैं कि कब उनका नंबर आ जाये, आज गुरुवार को भी राजधानी का माहौल कुछ ऐसा ही है, आयकर विभाग की टीम अचानक गोल्डन सिटी पहुंच गई और टाउनशिप के मालिक मनीष जैन के घर के बाहर जाकर ठहर गई।

गोल्डन सिटी के मालिक मनीष जैन के घर IT का छापा 

दरवाजा खोलने वाला कुछ समझ पाता उससे पहले ही टीम के अफसरों ने अपना परिचय दिया और काम में जुट गई, टीम में शामिल अधिकारियों ने जब दस्तावेज जुटाने शुरू किये और जो जानकारी सामने आना शुरू हुई उनकी आँखें फटी रह गई। सूत्र बताते हैं कि शुरूआती जाँच में ही करोड़ों की बेनामी संपत्ति सामने आ गई है, कई आलीशान बंगले सामने आये हैं जिनमें के बंगले की कीमत ही 5 करोड़ रुपये के आसपास आंकी गई है।

पूर्व चीफ सेक्रेटरी का आधा दर्जन यानि 6 बंगलों में निवेश!

खबर ये भी निकल कर आई है कि मध्य प्रदेश के एक पूर्व चीफ सेक्रेटरी का आधा दर्जन यानि 6 बंगलों में निवेश है , मनीष जैन के उनके साथ नजदीकी सम्बन्ध हैं इसलिए निवेश किया गया है।

बड़े साहब के कितने बंगले, उठा रहा सवाल

छापे की कार्रवाई जारी है और ये जानकारी अभी शुरूआती तौर पर सूत्रों के जरिये बाहर आई है और यदि सूत्रों की बात पर भरोसा करें कि एक बंगला यदि 5 करोड़ का है तो समझ लीजिये बड़े साहब का बंगला कितने करोड़ का होगा और वहां क्या क्या लग्जरी सामना होगा? बहरहाल इस छापे के बाद से भोपाल में काली कमाई कर घी पीने वाले लोगों के गले से निवाला नहीं उतर रहा है, सब अपने रसूख का इस्तेमाल कर पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं अगला नंबर उनका तो नहीं है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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