MP सरकार की अच्छी पहल, अब सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखेगी “क्वालिटी कंट्रोल सेल”

MP सरकार की अच्छी पहल, अब सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखेगी “क्वालिटी कंट्रोल सेल”

“Quality Control Cell” in PWD : लोक निर्माण विभाग द्वारा किये जाने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सरकार गहराई से नजर रखेगी, विभाग ने लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव (MP PWD Minister Gopal Bhargava) के निर्देश पर “क्वालिटी कंट्रोल सेल” का गठन किया है। सेल की अध्यक्षता लोक निर्माण विभाग के सचिव करेंगे, यानि वे इसके प्रमुख होंगे।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर रहेगी नजर

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने बताया कि क्वालिटी कंट्रोल सेल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता नियंत्रण के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्णता पर नजर रखेगी। साथ ही समय-समय पर गुणवत्ता नियंत्रण के लिए तकनीकी सर्कुलर भी जारी करेगी।

ये कार्य भी करेगी क्वालिटी कंट्रोल सेल

उन्होंने बताया कि ये सेल विभागीय अधिकारियों को तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण देने के लिए मॉडल तैयार करना एवं प्रशिक्षण व्यवस्था करना, गुणवत्ता नियंत्रण के लिए निर्धारित मापदण्ड, व्यवस्था, प्रक्रिया की समीक्षा करना और नवीन तकनीकी दिशा-निर्देश तैयार करना, विभिन्न स्तरों पर प्रचलित व्यवस्था एवं निर्माण गुणवत्ता की जाँच कि लिए औचक निरीक्षण करना, गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं की समीक्षा एवं इन्हें सुदृढ़ करने के लिए प्रस्ताव तैयार करना, विभाग द्वारा जारी परिपत्र एवं दिशा-निर्देशों का संकलन, एकीकरण एवं समीक्षा करना, सभी स्तरों पर की जा रही कार्यवाहियों की सतत् निगरानी एवं समीक्षा करना, अधीक्षण यंत्री, मुख्य अभियंता एवं प्रमुख अभियंता स्तर के अधिकारियों द्वारा किये गये निरीक्षण का पालन प्रतिवेदन सुनिश्चित कराना और मासिक प्रतिवेदन प्रमुख सचिव को प्रस्तुत करेगी।

क्वालिटी कंट्रोल सेल में ये अधिकारी होंगे सदस्य

प्रमुख सचिव ने बताया कि सेल में सचिव लोक निर्माण आरके मेहरा अध्यक्ष होंगे तथा मुख्य अभियंता उत्तर परिक्षेत्र ग्वालियर बीपी बोरासी, अधीक्षण यंत्री सेतु मण्डल एमपी सिंह, सहायक यंत्री सीवी तिवारी, सहायक यंत्री संजय कुलकर्णी और सलाहकार मंत्रालय रितेश जैन समिति सदस्य होंगे।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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