गांधीवादी तरीके पर चलते हुए अतिथिविद्वानों के आंदोलन के 53 दिन पूर्ण

गांधीवादी तरीके पर चलते हुए अतिथिविद्वानों के आंदोलन के 53 दिन पूर्ण

भोपाल। शाहजहानी पार्क भोपाल में चल रहे अतिथिविद्वानो के आंदोलन ने 53 दिन पूर्ण कर लिए हैं, किन्तु प्रदेश की अति संवेदनशील कमलनाथ सरकार ने अब तक अतिथिविद्वानों की समस्याओं को जानने अथवा उसके निराकरण हेतु कोई प्रयास अब तक नही किये हैं। हाल यह है कि कांग्रेस सरकार से वचनपत्र में किये गए नियामितिकरण के वादे को पूरा करने का आग्रह कर रहे अतिथिविद्वानो को न सिर्फ फालेन आउट करके बाहर का रास्ता दिखा दिया गया बल्कि वचनपत्र में किये गए नियमितीकरण के वादे पर भी कमलनाथ सरकार खरी उतरती नही दिखाई दे रही है। अतिथिविद्वान नियामितिक्रम संघर्ष मोर्चा में संयोजक डॉ देवराज सिंह का कहना है कि नियमितीकरण के वादे के विपरीत सरकार द्वारा लगभग 2700 अतिथिविद्वानों को नौकरी से बाहर निकाल कर बेरोजगार कर देने से अतिथिविद्वान बेहद तनावग्रस्त एवं सरकार के प्रति आक्रोशित है। यहां तक कि विगत 8 माह से मानदेय तक प्रदान नही किये जाने से अतिथिविद्वान आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। वे अपने परिवार का भरण पोषण तक कर पाने में असमर्थ हो रहे है। ऐसी स्थिति में नौकरी का चले जाना किस वज्रपात से कम नहीं है।

आंदोलन ने पूर्ण किये 53 दिवस
अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजक डॉ सुरजीत भदौरिया के अनुसार शाहजहानी पार्क में चल रहे अतिथिविद्वानों के ऐतिहासिक आंदोलन ने 53 दिन पूर्ण कर लिए है। इस बीच अतिथिविद्वानों ने बहुत सी कठिनाइयों समेत मौसम की मार और कमलनाथ सरकार की संवेदनहीनता और बेरुखी झेलते हुए 53 दिवस पूर्ण कर लिए हैं। किंतु सरकार अब तक हमारी समस्याओं के निराकरण के प्रति गंभीर नही दिख रही है। हम कांग्रेस सरकार को बता देना चाहते हैं कि जब तक हमारी मांगों पर कोई ठोस कार्यवाही नही की जाती है, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

अतिथिविद्वानों ने किया रक्तदान
अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता डॉ मंसूर अली ने बताया कि शाहजहांनी पार्क स्थित अतिथिविद्वानों के पंडाल में एक रक्तदान शिविर का आयोजन मोर्चा द्वारा किया गया जिसमें भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल द्वारा रक्तदान हेतु आवश्यक व्यवस्थाएँ इश्तियाक अहमद द्वारा की गई। उक्त रक्तदान शिविर में लगभग दो दर्जन अतिथिविद्वानों ने भोपाल गैस पीड़ितों तथा थैलेसीमिया जैसी घातक बीमारी से लड़ रहे लगभग 350 बच्चो के लिए रक्तदान करके रक्तदान महादान का संदेश दिया। इस अवसर पर अतिथिविद्वानों के अतिरिक्त विभिन्न समाज के लोगों ने भी रक्तदान करके गम्भीर बीमारियों एवं आकस्मिक दुर्घटनाओं के शिकार लोगों के जीवन की रक्षा के इस पुनीत कार्य मे अपना योगदान सुनिश्चित किया।

शहीद दिवस पर गाँधीजी के प्रिय भजन से गूंजा पंडाल
अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रभारी डॉ जेपीएस चौहान एवं डॉ आशीष पांडेय के अनुसार आज शहीद दिवस राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर गाँधीजी के प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेसे कहिये से सारा पंडाल गूंज उठा। अतिथिविद्वान पूर्णतः गांधीवादी तरीके पर चलकर अपने अधिकार के लिए अहिंसात्मक रूप से संघर्ष कर रहे है। किंतु सरकार ने अब तक इस ओर कोई गंभीरता नही दिखाई है। शोषणकारी व्यवस्था ने अतिथि विद्वानों का खून चूस लिया है, बचे हुए खून से समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद कर पाए तो सुकून मिलेगा। अगर नियमित कर सरकार ने रोजगार सुरक्षित नही किया तो अतिथि विद्वानों का जीवन भी सुरक्षित नही है।

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