बेरोजगारी के मुद्दे पर जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, कहा “सीएम UPSC में चयनित युवाओं के साथ एमपी के लाखों बेरोजगार युवाओं से भी संवाद करें”

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बेरोजगारी, लंबित भर्ती परीक्षाएं, पेपर लीक और भर्ती घोटाले युवाओं में गहरी निराशा फैला रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी लंबित भर्तियों का कैलेंडर जारी किया जाए, खाली पदों को भरने की समय-सीमा तय की जाए और भर्ती अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की जाए।
MP Congress Jitu Patwari

Jitu Patwari

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल में आयोजित ‘सफलता के मंत्र’ कार्यक्रम में UPSC में चयनित अभ्यर्थियों से ‘संवाद’ किया। इसे लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री को सिर्फ सिविल सेवा परीक्षा में चयनित युवाओं से मिलने के बजाय उन लाखों बेरोजगार युवाओं की समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए जो अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यूपीएससी में चयनित युवाओं से संवाद करना गर्व की बात है, लेकिन राज्य में कई असफलताओं और बेरोजगारी के बोझ तले दबे युवाओं की पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या तीस लाख से अधिक है और क्या मुख्यमंत्री उन्हें रोज़गार मुहैया कराने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे।

बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

मध्यप्रदेश में बेरोजगारी और युवाओं के मुद्दे पर कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर  हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार सिर्फ सिविल सेवा जैसी परीक्षाओं में सफल युवाओं से संवाद कर रही है, जबकि असफलताओं के बोझ तले दबे और लगातार संघर्ष कर रहे लाखों बेरोजगार युवाओं की पीड़ा को पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि “सिर्फ सफल युवाओं से नहीं! कई असफलताओं के बोझ तले दबे मप्र के युवाओं से भी तो संवाद कीजिए।”

युवाओं की समस्याओं पर ध्यान दिलाया

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यूपीएससी में में चयनित प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं बधाई दी। लेकिन साथ ही उन्होंने कुछ सवाल भी किए। उन्होंने कहा कि एमपी के रोजगार पोर्टल पर पंजीकृत बेरोजगार युवाओं (आकांक्षी युवाओं) की संख्या 30 लाख से अधिक है। एमपीपीएससी सहित अन्य प्रमुख भर्ती परीक्षाएं वर्षों से लंबित पड़ी हैं, जिससे युवाओं में गहरा असमंजस और निराशा फैली हुई है। पेपर लीक और भर्ती घोटालों की घटनाओं ने लाखों युवाओं का पूरा भरोसा तोड़ दिया है। प्रदेश में हजारों सरकारी पद खाली पड़े हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई है या धीमी गति से चल रही है। हर साल लाखों युवा विभिन्न परीक्षाएं देते हैं, लेकिन सफलता दर एक प्रतिशत से भी कम रहती है। जीतू पटवारी ने कहा कि यूपीएससी जैसे राष्ट्रीय स्तर पर कुछ चुनिंदा युवाओं से बात करना आसान है, लेकिन प्रदेश के 30 लाख बेरोजगार युवाओं की हताशा, दर्द और अनवरत संघर्ष सुनने के लिए साहस चाहिए।

सरकार से की ये मांग 

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि यदि सरकार वाकई युवाओं के प्रति संवेदनशील है, तो पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। सभी लंबित भर्तियों का स्पष्ट और समयबद्ध कैलेंडर जारी किया जाए और खाली पड़े सरकारी पदों को भरने की निर्धारित समय-सीमा तय की जाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्यप्रदेश के युवा अधिकारों की आवाज में अपना स्वर मिलाते हुए वो कहना चाहते हैं कि एक खुला संवाद ऐसे युवाओं से भी करें, जिनके सपने सरकार की लचर और लाचार नीतियों का कारण अधूरे पड़े हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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