उपचुनाव से पहले कैलाश का बड़ा खुलासा, विपक्ष हुआ हमलावर

कैलाश विजयवर्गीय

भोपाल।

मध्यप्रदेश(madhyapradesh) में एक के बाद एक हो रहे खुलासे सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा रहे हैं। उपचुनाव(by-election) से पहले सत्ता और विपक्ष एक दूसरे पर लगातार आरोपों के साथ सक्रिय हो गए हैं। इसी बीच अब कैलाश विजयवर्गीय(kailash vijayvargiya) ने एक बड़ा खुलासा किया है। जिसके बाद प्रदेश की राजनीति तीव्र हो गई है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि उन्होंने 2018 के चुनाव में बीजेपी नेता उषा ठाकुर(bjp leader usha thakur) को जिताने के लिए सेटिंग की है। तब जाकर वह चुनाव जीती हैं। एक मीडिया चैनल(media channel) से बात करते हुए विजयवर्गीय ने दावा किया है कि बीजेपी नेता उषा ठाकुर को चुनाव में जिताने की जिम्मेदारी विजयवर्गीय की थी। जिसके लिए उन्होंने काफी बड़ी रकम खर्च की थी।

दरअसल उषा ठाकुर बीजेपी की ब्रांड नेता मानी जाती है। 2018 के चुनाव में वह तीसरे नंबर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहती थी लेकिन तीसरे नंबर विधानसभा क्षेत्र से आकाश विजयवर्गीय की बेटी आकाश विजयवर्गीय को टिकट मिल गया था। जिसके बाद उषा ठाकुर को महू भेज दिया गया था। महू में उन्हें जिताने की जिम्मेदारी कैलाश विजयवर्गीय पर अा गई क्योंकि महू से कैलाश दो बार चुनाव जीत चुके थे। अब विजयवर्गीय के इस खुलासे के बाद विपक्ष एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। कांग्रेस(congress) ने इस मामले में चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करवाई है और वही उषा ठाकुर के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की है।

इधर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमीनुल खान सूरी ने आरोप लगाया है कि विजयवर्गीय छह बार के विधानसभा और एक बार मेयर के चुनाव भी पैसे खर्च करके और वोटरों को लुभा कर ही जीते हैं। इसके साथ ही साथ प्रदेश प्रवक्ता ने आयकर विभाग से भी इस मामले में संज्ञान लेने की बात कही है। बता दे कि प्रदेश में 24 सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं। इन सीटों पर जीती शिवराज सरकार के आगे की पारी पर निर्णायक होगी। ऐसे में अब कैलाश विजयवर्गीय के इस विवादित बयान से बीजेपी किस तरह बाहर आती है। यह देखना दिलचस्प होगा।

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