तेल के दामों में बढ़ोतरी पर बोले कमलनाथ, ‘राहत देने के समय में जनता पर दोहरी मार थोप रही सरकार’

तेल के दामों में बढ़ोतरी पर बोले कमलनाथ, ‘राहत देने के समय में जनता पर दोहरी मार थोप रही सरकार’

भोपाल| मध्य प्रदेश सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक-एक रुपए अतिरिक्त कर बढ़ा दिया है। इसके बाद अब प्रदेश में पेट्रोल पर अतिरिक्त कर कुल 4.50 रुपए और डीजल पर 3 रुपए प्रति लीटर हो गया है। कोरोना संकट के बीच पेट्रोल डीजल पर टैक्स बढ़ाने पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है| पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा यह राहत देने का समय है, लेकिन जनता पर महंगाई की दोहरी मार थोपी जा रही है।

पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा ‘कोरोना महामारी के इस संकट काल में जनता को पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले करो में कमी कर राहत देने का समय है लेकिन इस संकट काल में भी उन पर करों में बढ़ोतरी कर , जनता पर महंगाई की दोहरी मार थोपी जा रही है’।

उन्होंने आगे लिखा ‘एक तरफ कच्चा तेल सस्ता हो रहा है , वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल के दामों में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। पहले केंद्र सरकार ने जनता को राहत देने की बजाय पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर खुद के खजाने को भरने का काम किया’| ही अब मध्य प्रदेश की सरकार ने इस संकट काल में पेट्रोल और डीजल पर एक 1-1 रुपये का अतिरिक्त कर बढ़ाकर जनता को महंगाई की आग में झोंकने का काम किया है

कमलनाथ ने कहा ‘प्रदेश में पेट्रोल पर पूर्व में ही 33% वैट , 1% सेंस व 3.5 रुपये अतिरिक्त कर लग रहा था।वहीं डीजल पर 23% वैट , 1% सेंस व 2 रुपये अतिरिक्त कर लग रहा था। अतिरिक्त करों में इस बढ़ोतरी से अब पेट्रोल व डीज़ल में अभी तक का सर्वाधिक टैक्स हो गया है’।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews