MP में एससी-एसटी अत्याचार को लेकर 23 जिलों में 88 संवेदनशील इलाके घोषित, कमलनाथ ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

मध्य प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति पर बढ़ते अत्याचारों को देखते हुए 23 जिलों में 88 हॉटस्पॉट घोषित किए हैं। इनमें से अधिकांश शहरी क्षेत्र हैं, जिसमें ग्वालियर और भोपाल-नर्मदापुरम संभाग के इलाके शामिल हैं।
Kamal Nath

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कमलनाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति पर अत्याचार के मामले रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की ज़रूरत है। ये बात उन्होंने मध्यप्रदेश के गृह विभाग द्वारा प्रदेश के 23 जिलों में 88 संवेदनशील इलाके घोषित करने के बाद कही है।

बता दें कि इन इलाकों को ‘हाई पॉसिबिलिटी ऑफ एट्रोसिटी क्राइम एरिया’ घोषित किया गया है। पुलिस के मुताबिक, किसी थाना क्षेत्र में एक साल में एससी-एसटी अत्याचार से संबंधित दस या उससे अधिक मामले दर्ज होने पर उसे संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया जाता है।

ग्वालियर अव्वल, राजधानी भोपाल के भी कई क्षेत्र शामिल

चौंकाने वाली बात यह है कि इन 88 हॉटस्पॉट्स में से 54 शहरी क्षेत्रों में हैं, जबकि सिर्फ 34 ग्रामीण इलाकों को शामिल किया गया है। यह दर्शाता है कि अब शहरों में एससी-एसटी समुदायों पर अत्याचार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्वालियर शहर इस सूची में सबसे ऊपर है जहां 16 शहरी इलाकों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इनमें 13 ग्वालियर नगर निगम और 3 डबरा नगर पालिका क्षेत्र के हैं। भोपाल-नर्मदापुरम संभाग में भी कई इलाकों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इनमें आदमगढ़, पुरानी इटारसी, पिपरिया का हतवास, नर्मदापुरम देहात तहसील का पांचराकलां, इटारसी का मेहरा और शिवपुर शामिल हैं।

कमलनाथ ने की ये मांग 

इसे लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि अजा-अजजा पर अत्याचार के मामले रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि ‘इस तरह के अत्याचारों को लेकर संवेदनशील क्षेत्रों का चयन किया जाना तभी सार्थक होगा जब इन क्षेत्रों में पुलिस अतिरिक्त सक्रियता दिखाएगी। प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति पर हुई अत्याचार की गई प्रमुख घटनाओं के पीछे भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं का नाम समय-समय पर सामने आता रहा है। ऐसे में ज़रूरत इस बात की है कि पुलिस प्रशासन राजनैतिक दबाव से परे रहकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अधिकारों की रक्षा का काम करे।’

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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