मध्य प्रदेश के 21 जिलों में सामान्य से अधिक, 31 जिलों में हुई सामान्य बारिश

मध्य प्रदेश के 21 जिलों में सामान्य से अधिक, 31 जिलों में हुई सामान्य बारिश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में लगातार हो रही बारिश (Rain) से कई जिले बाढ़ (Flood) से प्रभावित हो गए हैं| एक जून से 31 अगस्त की स्थिति में 21 जिलों में सामान्य से 20 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है। इनमें छिंदवाड़ा, सिवनी, सिंगरौली, उमरिया, इन्दौर, झाबुआ, बड़वानी, खंडवा, देवास, आगर-मालवा, भोपाल, रायसेन, सीहोर, बैतूल, हरदा, अशोकनगर, बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर और राजगढ़ है।

प्रदेश के 31 जिले ऐसे हैं, जिनमें 31 अगस्त तक सामान्य वर्षा दर्ज की गई है। इन जिलों में मण्डला, डिण्डौरी, नरसिंहपुर, पन्ना, सतना, शहडोल, अनूपपुर, धार, नीमच, मुरैना, श्योपुरकला, गुना, दतिया, रीवा, सीधी, खरगौन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, अलीराजपुर, मंदसौर, भिण्ड, शिवपुरी, ग्वालियर, कटनी, बालाघाट, सागर, दमोह और होशंगाबाद शामिल है।

इन संभागों में बारिश की चेतावनी
इंदौर, भोपाल, होशंगाबाद, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा, शहडोल संभाग के जिलों में कही कही बारिश की चेतावनी।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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