MP में पशुपालन विभाग मुख्यमंत्री के पास, जीतू पटवारी ने पूछा “क्या अब गौशाला और पशुपालकों की स्थिति बदलेगी”

उन्होंने गौशालाओं में संसाधनों की कमी, पशुपालकों की समस्याओं और कम सरकारी अनुदान का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री से गौशालाओं की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने, पशुपालकों के लिए राहत पैकेज और छुट्टा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
MP Congress

Jitu Patwari

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गौ-पालन एवं पशुपालन विभाग अपने पास रखने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विभागों का आवंटन और परिवर्तन मुख्यमंत्री का अधिकार है, लेकिन प्रदेश की जनता अब सिर्फ विभागों का हस्तांतरण नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव और ठोस परिणाम देखना चाहती है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास पहले से ही कई महत्वपूर्ण विभाग हैं, लेकिन जिन विभागों की जिम्मेदारी सीधे उनके पास है, वे भी जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए हैं। ऐसे में पशुपालन विभाग अपने पास रखने के बाद किसान, पशुपालक और गौ-भक्त यह जानना चाहते हैं कि इस विभाग में वास्तविक सुधार होगा या नहीं।

गौशालाओं और पशुपालकों की स्थिति पर उठाए सवाल

जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने वर्षों तक गाय को राजनीति का प्रमुख मुद्दा बनाया लेकिन उसके शासन में प्रदेश में गोवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में चारा, पानी, उपचार और अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी लगातार सामने आती रही है। वहीं बढ़ती लागत, महंगे चारे और सीमित सरकारी सहायता के कारण पशुपालन किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय नहीं रह गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार यह भी स्वीकार कर चुकी है कि एक गौशाला में एक गोवंश के पालन-पोषण पर प्रतिदिन लगभग ₹70 का खर्च आता है, जबकि सरकार द्वारा दिया जाने वाला अनुदान इससे काफी कम है। ऐसी स्थिति में गौशालाओं के संचालकों और गोवंश दोनों की बदहाल स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री से की ये मांगें

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से प्रदेश की सभी गौशालाओं की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने, पशुपालकों के लिए राहत पैकेज घोषित करने, छुट्टा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने तथा फसलों के नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में प्रभावी मुआवजा एवं प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश की जनता अब विभागों का हस्तांतरण नहीं, बल्कि परिणामों का परिवर्तन देखना चाहती है।”

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews