
राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से पहले और नामांकन प्रक्रिया के बीच मध्य प्रदेश में सियासी पारा हाई है। एक तरफ भाजपा ने तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारकर चुनाव को बेहद रोचक बना दिया है वहीं दूसरी तरफ वरिष्ठ कांग्रेस नेता और भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से 2 बार प्रत्याशी रहे नरेश ज्ञानचंदानी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) जीतू पटवारी को भेज दिया है। वही राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टैग किया है। राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
बता दें कि चार दिन पहले नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट करते हुए राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी पर सवाल उठाए थे और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को सही विकल्प बताया था। इस पोस्ट को उन्होंने राहुल और प्रियंका गांधी को टैग भी किया था, जिसके बाद कांग्रेस में हड़कंप मच गया था। चर्चा है कि स्थानीय नेताओं की नाराजगी के बाद कांग्रेस, नरेश ज्ञानचंदानी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की तैयारी में थी लेकिन इसके पहले ही उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया।
क्या लिखा है नरेश ज्ञानचंदानी ने अपने इस्तीफे में
मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं, कृपया तत्काल मंजूर करें। मैंने सिर्फ राहुल गांधी तक बात रखने के लिए एक्स पर पोस्ट किया था। मैंने कोई मीडिया में बयान नहीं दिया और न सोशल मीडिया में वीडियो या बयान पोस्ट किया। वैसे भी समय-समय पर राहुल गांधी को पार्टी हित मैं पोस्ट करता आ रहा हूं। 1989 में पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा मुझे हाथ पकड़कर राजनीति में लाए थे, उस समय में 24 वर्ष का था। मैं हमेश पार्टी के प्रति वफादार और अनुशासन में रहा, चाहे कोई पद मिले या ना मिले काम करता रहा।
इस्तीफे में दिग्विजय सिंह/कमलनाथ का भी जिक्र
उन्होंने आगे लिखा है कि मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग होने बाद पूर्व मुख्यमंत्री वोरा ने ही मुझे तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से जोड़ा। मुझे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के अनुभव से बहुत सीखने को मिला। जिसके कारण क्षेत्र में बड़े ऐतिहासिक काम हुए हैं। 2018 में मुझे टिकट देने से पूरे प्रदेश का सिंधी समाज एकजुट हुआ, जिस से काफी सीटों पर कांग्रेस को जीत भी मिली। जबकि सिंधी समाज हमेशा भाजपा का वोटबैंक रहा है। पहली बार वोटबैंक में सेंध लगी थी। मैंने कभी पद या टिकट नहीं मांगा सिर्फ पार्टी की सेवा में लगा रहा। आज बहुत दुख है कि 37 साल पार्टी की ईमानदारी से सेवा करने के बाद राहुल गांधी को एक पोस्ट करना मध्यप्रदेश कांग्रेस पार्टी नेतृत्व को स्वीकार नहीं हुआ।
मीनाक्षी नटराजन की राज्यसभा उम्मीदवारी पर जताई थी आपत्ति
दरअसल, 4-5 जून को नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट करते हुए लिखा था कि आदरणीय राहुल और प्रियंका गांधी आपसे आग्रह है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार में बड़ी चूक हुई है । आपको कई बार मैसेज किए थे कि मध्यप्रदेश से राज्यसभा बड़ा सोच समझकर निर्णय लें क्योंकि यहां क्रॉस वोटिंग का खतरा है अगर दिग्विजय सिंह रिपीट होते तो सीट सेफ थी। उन्होंने आगे लिखा था कि आपको पता है कि मध्य प्रदेश में 2028 में विधानसभा चुनाव है ऑर इस समय राज्यसभा में ऐसे को भेजना था जिसकी जमीन पर पकड़ हो और विधानसभा चुनाव जिता पाए पर आप बड़ी गलती करने जा रहे हैं, एक ही दिग्विजय सिंह के अलावा कोई नहीं चुनाव जिता सकता ।

श्री @jitupatwari
कृप्या मेरा इस्तीफा स्वीकार करें ।
सादर सहित @kharge @RahulGandhi @priyankagandhi
@digvijaya_28 @OfficeOfKNath @Barmer_Harish pic.twitter.com/MQxMeoMJ2n— Naresh Gyanchandani (@nareshgyanchand) June 8, 2026
आदरणीय @RahulGandhi जी @priyankagandhi
आपसे आग्रह है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार में बड़ी चूक हुई है
आपको कई बार मैसेज किए थे कि मध्यप्रदेश से राज्यसभा बड़ा सोच समझकर निर्णय लें क्योंकि यहां क्रॉस वोटिंग का खतरा है अगर श्री दिग्विजय सिंह रिपीट होते तो सीट सेफ थी— Naresh Gyanchandani (@nareshgyanchand) June 4, 2026
आदरणीय @RahulGandhi , @priyankagandhi आपको पता है कि मध्य प्रदेश में 2028 में विधानसभा चुनाव है ऑर इस समय राज्यसभा में ऐसे को भेजना था जिसकी जमीन पर पकड़ हो और विधानसभा चुनाव जिता पाए पर आप बड़ी गलती करने जा रहे हैं , एक ही श्री दिग्विजय सिंह के अलावा कोई नहीं चुनाव जिता सकता ।
— Naresh Gyanchandani (@nareshgyanchand) June 5, 2026
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

