MP में 10 दवाएं फेल: सरकारी अस्पतालों में हो रही थी सप्लाई, कांग्रेस का हमला, उमंग सिंघार बोले “दवा के नाम पर परोसा जा रहा ज़हर”

ये दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में अमानक पाई गई हैं। नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या यही सरकार का “स्वास्थ्य मॉडल” है। इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
Umang Singhar Opposition Leader

Umang Singhar

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकारी अस्पतालों में दवा के नाम पर जनता को ज़हर परोसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालिया जांच में लगभग 10 दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाई गई हैं, जिससे दवा आपूर्ति प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की आम जनता जो इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर है..उसके जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी दवाएं मरीजों को राहत देने के बजाय उन्हें गंभीर जोखिम में डाल सकती हैं, जिससे जनस्वास्थ्य पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।

मध्यप्रदेश में दवा आपूर्ति पर उठे सवाल

मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में दवा आपूर्ति को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप लग रहे हैं। राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और स्वास्थ्य विभाग की ताजा जांच में इस साल की शुरुआत से अब तक लगभग 10 दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाई गई हैं। इनमें से 7 दवाएं तो फरवरी में ही अमानक घोषित की गई जिससे दवा आपूर्ति प्रणाली पर सवाल और गहरा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन दवाओं के बैच फेल हुए हैं वे पहले से ही सरकारी अस्पतालों में सप्लाई होकर मरीजों को दी जा रही थी। जानकारी के अनुसार, सभी संबंधित दवा बैच को बाद में ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और उनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

उमंग सिंघार ने सरकार पर लगाए आरोप

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि “भाजपा शासित प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में दवा के नाम पर ज़हर परोसा जा रहा है।” उन्होंने कहा कि हालिया जांच में कई दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाई गई हैं इसके बावजूद संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “नकली या अमानक दवाओं की सप्लाई का सच सामने आने के बाद भी एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई, जो सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि संगठित भ्रष्टाचार का प्रमाण है।” कांग्रेस नेता ने इसे शर्मनाक बताते हुए सवाल किया कि आखिर दोषियों को किसके इशारे पर बचाया जा रहा है। इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की  जाए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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