MP News : कांग्रेस आज मना रही है ‘लोकतंत्र सम्मान दिवस,’ कमलनाथ ने किया 2023 में जनता की सरकार बनाने का आह्वान

MP News : कांग्रेस आज मना रही है ‘लोकतंत्र सम्मान दिवस,’ कमलनाथ ने किया 2023 में जनता की सरकार बनाने का आह्वान

Lokatantra Samman Diwas : मध्य प्रदेश में कांग्रेस आज लोकतंत्र सम्मान दिवस मना रही है। तीन साल पहले 20 मार्च 2020 को ही कांग्रेस सरकार गिरने के कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ को पद से इस्तीफा देना पड़ा था। भोपाल सहित अलग अलग जिलों में कांग्रेस आज तिरंगा यात्राएं निकाल रही है और इस अवसर पर कमलनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश भी प्रसारित किया है।

लोकतंत्र सम्मान दिवस

कांग्रेस ’20 मार्च’ को न खुद भूली है न ही किसी को भूलने देगी। ये चुनावी साल है और इस साल वो बार बार ये तारीख दोहराती है। यही वो दिन है जब 15 महीने की कांग्रेस सरकार के मुखिया कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा था। तबसे वो लगातार बीजेपी पर सौदेबाजी की सरकार बनाने का आरोप लगा रही है। आज ‘लोकतंत्र सम्मान दिवस’ पर कमलनाथ ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए फिर ये बात कही है। उन्होने कहा कि ‘लोकतंत्र का अर्थ है जनता का शासन। लोकतंत्र में जनता ही सरकार है। जनता अपने अधिकार को पांच साल तक काम करने के लिए किसी दल को देती है और 2018 में आपने मध्य प्रदेश में ये अधिकार पांच साल के लिए कांग्रेस को दिया था। कांग्रेस को सत्ता सौंपते वक्त आपके मन में मध्य प्रदेश की तस्वीर बदलने का संकल्प था।’

उन्होने कहा कि ‘आपकी आशाएं के अनुसार हमने काम करना शुरू किया। मैंने अनेक प्रयास प्रारंभ किए और हम बेहतर परिणामों की ओर लगातार बढ़ रहे थे। मुझे और मेरी सरकार को पूरे पांच साल काम करने का मौका मिला होता तो आपकी आशाओं और स्वप्नों का मध्य प्रदेश आज आपकी आंखों के सामने खड़ा होता। आपकी चुनी हुई सरकार मध्य प्रदेश की तस्वीर बदल चुकी होती। पर बीजेपी ने सौदेबाजी से आपके निर्णय को पलट दिया। जनबल की सरकार के ऊपर धनबल की सरकार को बैठा दिया। बीजेपी का नोट जनता के वोट से बड़ा हो गया। जब मध्य प्रदेश में सरकार गिराने की साजिश की जा रही थी तो मेरे सामने दो रास्ते थे। पहला रास्ता था कि मैं भी बीजेपी और सौदेबाजों की तरह खरीद फरोख्त करूं और मुख्यमंत्री की कुर्सी बचा लूं और दूसरा रास्ता था कि मैं सौदेबाजी का विरोध करूं। जनता और मध्यप्रदेश के सम्मान के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी त्याग दूं और जनता के साथ खड़ा हो जाऊं। मैंने आपके साथ खड़ा होना चुना और मुख्यमंत्री की कुर्सी त्याग दी। मेरी पहचान आपसे है, क्योंकि मैं भी एक आम मध्यप्रदेशवासी हूं। आपके वोट की ताकत और मेरे वोट की ताकत एक बराबर है और इसीलिए मैं आपके साथ खड़ा हुआ हूं।’

जनता से मांगा साथ

कमलनाथ ने कहा कि ‘मैं कभी नहीं चाहता था कि मध्य प्रदेश की पहचान सौदेबाजी से हो। आज मध्य प्रदेश में बाहर के लोग आकर खुले मंच पर सीना तानकर कहते हैं कि एमपी में विधायक खुलेआम बिकते हैं और थोक में विधायक खरीदने पर डिस्काउंट भी मिलता है। ये मध्य प्रदेश आकर यहां की जनता पर ताना मारते हैं और मैं इस खतरे को जानता था। मैं मध्य प्रदेश की पहचान को लेकर चिंतित था और इसीलिए मैंने सौदेबाजी नहीं की। लेकिन बीजेपी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने के लिए मध्य प्रदेश की जनता के माथे पर सौदेबाजी का कलंक लगा दिया।’ इसके बाद उन्होने आह्वान किया कि सरकार बनाना और सरकार बदलना जनता का अधिकार है, इन सौदेबाजों ने आपका अधिकारी छीना और प्रदेश के माथे पर कलंक लगाया। अब वक्त आ रहा है कि लोकतंत्र को कलंकित करने वालों को हम मुंहतोड़ जवाब दें। हम मिलकर जुड़कर एकमत होकर 2023 में जनता की सरकार बनाएं, ऐसी बहुमत की सरकार बनाएं जिसे पैसे और कुर्सी की सौदेबाजी से खरीदा न जा सकें। मैं मध्य प्रदेश की जनता से अनुरोध करता हूं कि आप मुझे इतनी ताकत दीजिए कि आपके वोट के सामने सौदेबाज खड़े भी न हो सकें। हम एक साथ होकर मध्य प्रदेश की गौरवशाली लोकतांत्रिक पहचान को शक्ति देंगे। उन्होने कहा कि मैं वचन देता हूं कि मैं और मेरी पार्टी हमेशा आपके साथ हैं। हम आपके अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सदैव संघर्षरत हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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