शहडोल में अधिकारी एक घंटे में खा गए तेरह किलो ड्राईफ्रूट, उमंग सिंघार ने कहा ‘भाजपा के सुशासन में भ्रष्टाचार के मेवे-मिष्ठान का वितरण कार्यक्रम जारी है’

सिर्फ ड्राईफ्रूट्स से काम कैसे चलेगा। बिल में नमकीन, समोसे, रसगुल्ले, बिस्किट की भी मोटी राशि जोड़ी गई है। और चाय के बिना कैसी पार्टी ? तो यहां छह किलो दूध और पांच किलो शक्कर का भी हिसाब-किताब है। कांग्रेस ने ये बिल साझा करते हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। बिल देखकर लगता है जैसे कोई सरकारी आयोजन नहीं बल्कि किसी भव्य पार्टी का आयोजन हो रहा है।
Umang Singhar Opposition Leader

Umang Singhar

शहडोल में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हुए कार्यक्रम में अधिकारियों ने एक घंटे में 14 किलो ड्राई फ्रूट ‘खा’ लिए। आयोजन का जो बिल सामने आया है उसमें 5 किलो काजू, 5 किलो बादाम, 3 किलो किशमिश, छह लीटर दूध और पाँच किलो शक्कर सहित रसगुल्ले नमकीन बिस्किट जैसी ढेर सारी सामग्री की बंपर खपत बताई गई है।

अब इस मामले पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। एक बार फिर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि प्रदेश में जनता के टैक्स की गाढ़ी कमाई को दीमक की तरह चट किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यही भाजपा का ‘सुशासन’ है जहां भ्रष्टाचार के मेवे-मिष्ठान का वितरण कार्यक्रम सतत जारी है।

एक घंटे का कार्यक्रम, हजारों का बिल 

शहडोल में जल गंगा अभियान के नाम पर अधिकारियों का ‘महाभोज’ हुआ। गोहपारू जनपद की भदवाही ग्राम पंचायत में आयोजित एक घंटे की जल चौपाल में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों पर 14 किलो ड्राई फ्रूट और अन्य सामग्री ‘खा जाने’ का आरोप लगा है। इस आयोजन के दौरान परोसे गए नाश्ते का 19,000 से ज्यादा बताया जा रहा है। जब नाश्ता इतना महंगा था तो भला चाय कैसे सस्ते में छूट जाती। चाय के लिए बिल में छह किलो दूध और पांच किलो शक्कर दर्शायी गई है। बिल देखकर लग रहा है कि ये कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसी आलीशान शादी पार्टी का आयोजन है।

उमंग सिंघार ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया

अब ये बिल सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कांग्रेस ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रदेश की बीजेपी सरकार को घेरा है। उमंग सिंघार ने कहा है कि ‘मध्यप्रदेश में भाजपा राज में “गंगा संवर्धन” नहीं बल्कि “घोटाला संवर्धन अभियान” चल रहा है! शहडोल के भदवाही गांव में 50 लोगों के एक घंटे के कार्यक्रम में जल-भोजन और व्यवस्थाओं का बिल बन गया लगभग 40 हज़ार का। ये कैसा अभियान है जहां जल संरक्षण और संवर्धन के नाम पर जनता के टैक्स की गाढ़ी कमाई को दीमक की तरह चट किया जा रहा है? इससे पहले 4 लीटर पेंट में 200 मिस्त्री झोंकने वाले सरकारी स्कूल के बिल भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। यही भाजपा का ‘सुशासन’ है जहां भ्रष्टाचार के मेवे-मिष्ठान का वितरण कार्यक्रम सतत जारी है’। इस तरह नेता प्रतिपक्ष ने भ्रष्टाचार को लेकर सरकार और प्रशासन को निशाने पर लिया है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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