MPPSC से चयनित पुलिस अधिकारियों को गृह विभाग ने DSP के पद पर दी नियुक्ति, आदेश जारी, देखें लिस्ट

गृह विभाग ने कहा है कि नवनियुक्त अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत की गई जानकारी असत्य पाये जाने की स्थिति में उनकी सेवायें बिना किसी पूर्व सूचना के एकपक्षीय कार्यवाही कर तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी , इस विषय में उनका कोई भी दावा मान्य नहीं होगा।
MP Police DSP

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मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2024 में चयनित पुलिस अधिकारियों को उप पुलिस अधीक्षक यानि DSP पद पर नियुक्ति दी है, गृह विभाग में मेरिट सूची में शामिल 16 अधिकारियों को दो वर्ष की परिवीक्षाधीन अवधि के लिए डीएसपी के पद पर वेतनमान 15600- 3900+ ग्रेड पे 5400 (पे मेट्रिक्स लेवल 12) पर नियुक्ति दी है।

गृह विभाग ने अपने आदेश में कहा है की नव नियुक्त सभी अधिकारी 25 अगस्त 2026 तक मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करें, इस दिनांक तक यदि वे ज्वाइन नहीं करते और प्रशिक्षण में भी उपस्थित नहीं होते हैं तो उनका नियुक्ति आदेश निरस्त माना जायेगा।

बुनियादी प्रशिक्षण उत्तीर्ण करना आवश्यक 

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ये सभी परिवीक्षाधीन अधिकारियों को परिवीक्षा अवधि में संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम (Joint Basic Training Program), आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में प्राप्त कर परीक्षा उत्तीण करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनकी समाप्त की जा सकेगी।

कभी भी बिना कारण बताये समाप्त हो सकेगी सेवा 

शासन ने कहा कि नवनियुक्त अधिकारियों की सेवाएँ किसी भी समय एक माह की सूचना अथवा उसके एवज में एक माह का वेतन तथा भत्ते देकर बिना कारण बताए समाप्त की जा सकती हैं। इसी प्रकार यदि वे अपने पद से त्यागपत्र देकर शासकीय सेवा छोड़ना चाहें तो उन्हें भी एक माह पूर्व नोटिस देना आवश्यक होगा। एक माह पूर्व सूचना न देने की स्थिति में एक माह का वेतन व अन्य भत्ते जो वह उस समय प्राप्त कर रहे होंगे, नगद जमा करना होगा अन्यथा उक्त रकम राजस्व बकाया के तौर पर संबंधित अधिकारियों से वसूल की जाएगी।

गृह विभाग का नियुक्ति आदेश 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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